Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को उस समय भूचाल आ गया जब राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोर-शोर से चल रही है कि क्या शरद पवार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने का मन बना चुके हैं। हालांकि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार एनडीए में शामिल होने को लेकर पर्दे के पीछे कई दिनों से बातचीत का दौर चल रहा है। यदि यह कयास सच साबित होते हैं, तो यह महाराष्ट्र के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में भी एक बड़ा और अप्रत्याशित उलटफेर माना जाएगा।

जयंत पाटील और विनोद तावड़े की मुलाकात ने दिए संकेत
इस अहम बैठक से ठीक पहले मुंबई में एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के बीच हुई मुलाकात ने चर्चाओं को और हवा दे दी। हालांकि जयंत पाटील ने इस भेंट को महज एक सामान्य मुलाकात करार दिया और स्पष्ट किया कि तावड़े के साथ उनकी संक्षिप्त बातचीत सिर्फ एक कप कॉफी तक सीमित थी, इसमें कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। इसके बावजूद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन महत्वपूर्ण नेताओं की सक्रियता कोई बड़ा संकेत दे रही है। महाराष्ट्र की राजनीति की बदलती दिशा को देखते हुए ऐसी अनौपचारिक मुलाकातों को भी अब राजनीतिक दृष्टिकोण से ही देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और सुप्रिया सुले का रुख
दूसरी ओर, इन अटकलों पर विराम लगाने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी मोर्चा संभाला है। फड़णवीस ने दिल्ली में स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनसीपी (एसपी) में किसी तरह की बगावत या तोड़फोड़ की कोई कोशिश नहीं की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए में महाराष्ट्र से फिलहाल किसी नई पार्टी को शामिल करने की कोई योजना नहीं है। इसी क्रम में एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पाटिल और तावड़े की बैठक की उन्हें कोई जानकारी नहीं है और एनडीए में शामिल होने की खबरें निराधार हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी का एकमात्र उद्देश्य जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना है।

भविष्य की राजनीति का बदलता समीकरण
महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के शिंदे गुट के पाले में जाने के बाद से एनसीपी (एसपी) के नेताओं को भी एनडीए की ओर से ऑफर मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने इन तमाम खबरों को खारिज किया है, लेकिन राज्य में चल रही इन गतिविधियों ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। बहरहाल, शरद पवार जैसे अनुभवी नेता का अगला कदम क्या होगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इन मुलाकातों ने राज्य के राजनीतिक तापमान को जरूर बढ़ा दिया है।
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