MCB Toll Plaza Clash: एमसीबी जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्थित महाराजपुर टोल प्लाजा पर गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक महिला के साथ कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने टोल कार्यालय में धावा बोल दिया। मामला तब बिगड़ा जब स्थानीय महिलाओं ने टोल प्लाजा पर तैनात आईटी कर्मचारी रवि शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ कर रहा था, जिससे तंग आकर कई महिलाओं ने वहां काम करना भी छोड़ दिया था। विवाद तब चरम पर पहुंच गया जब आरोपी ने हद पार करते हुए एक युवती को काम पर लौटने का दबाव बनाने के साथ ही शारीरिक संबंध बनाने का कुप्रस्ताव दे डाला।

रवि शर्मा की तलाश में टोल प्लाजा पहुंचे ग्रामीण, कार्यालय में की तोड़फोड़
इस शर्मनाक घटना की जानकारी जैसे ही युवती के परिजनों और ग्रामीणों को मिली, पूरा गांव भड़क उठा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और युवती के परिजन न्याय की मांग करते हुए सीधे टोल प्लाजा कार्यालय पहुंच गए। उनका मुख्य उद्देश्य आरोपी रवि शर्मा को पकड़ना था। हालांकि, जब वहां आरोपी नहीं मिला, तो भीड़ का गुस्सा बेकाबू हो गया। आक्रोशित लोगों ने टोल प्लाजा के कार्यालय में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कार्यालय में लगे एलईडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही नागपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज किया मामला, जांच जारी
नागपुर हाईवे चौकी प्रभारी शेषनारायण सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कर ली गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी आईटी कर्मचारी रवि शर्मा के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, टोल प्लाजा प्रबंधन की ओर से रामलल्लू सिंह, अशोक सिंह, दीपक साहू और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरी घटना के साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
टोल प्रबंधन का पक्ष: लापरवाही के चलते हटाया था कर्मचारियों को
टोल प्लाजा के मैनेजर विकास गुप्ता ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि तोड़फोड़ की यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कुछ स्थानीय कर्मचारियों को काम में लापरवाही बरतने के कारण हटाया गया था और उनके बकाये भुगतान के लिए 12 जुलाई की तारीख निश्चित की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी अनुपस्थिति में रवि शर्मा और ग्रामीणों के बीच क्या विवाद हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि रात के समय अचानक बड़ी संख्या में आए ग्रामीणों ने कार्यालय को अपना निशाना बनाया, जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
आरोपी फरार, कार्रवाई के लिए बढ़ा दबाव
घटना के बाद से मुख्य आरोपी रवि शर्मा फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह से भी की है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रंग भी ले लिया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता इस्माईल खान ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रशासन को चेतावनी देते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पीड़िता ने भी पुलिस और प्रशासन से अपनी सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले का निपटारा करने में जुटी है।











