Army Chief Dhiraj Seth : भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 7 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक उत्तरी कमान का तीन दिवसीय महत्वपूर्ण दौरा संपन्न किया। सेना प्रमुख के पद का कार्यभार संभालने के बाद यह उनका उत्तरी कमान का पहला आधिकारिक दौरा था। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की वर्तमान स्थिति, भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों और युद्धक क्षमताओं का जमीनी स्तर पर मूल्यांकन करना था। अपने इस दौरे के दौरान जनरल सेठ ने श्रीनगर, कुपवाड़ा, उरी, मानसबल, पुंछ, राजौरी और सुंदरबनी जैसे संवेदनशील सैन्य ठिकानों और नियंत्रण रेखा (LOC) से सटे अग्रिम इलाकों का सघन निरीक्षण किया।

ऑपरेशनल तैयारी और समन्वय पर विशेष जोर
श्रीनगर स्थित चिनार कोर मुख्यालय में सेना प्रमुख को कमान की व्यापक तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसमें राज्य में शांति बहाली, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर चर्चा हुई। चिनार कोर में उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों और पवित्र अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का भी बारीकी से जायजा लिया। जनरल सेठ ने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध-क्षेत्र की बदलती चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना को नई और उन्नत तकनीकों को तेजी से अपनाने की आवश्यकता है ताकि ऑपरेशनल क्षमता में वृद्धि की जा सके।

अग्रिम चौकियों का निरीक्षण और सैनिकों का मनोबल
कुपवाड़ा, उरी और मानसबल के अग्रिम क्षेत्रों में जनरल धीरज सेठ ने एलओसी पर सुरक्षा और निगरानी ग्रिड की मजबूती को परखा। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी रक्षा तकनीकों और सेना द्वारा विकसित फील्ड इनोवेशन की एक विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से संवाद किया और उनके अदम्य साहस, उच्च समर्पण और पेशेवर कार्यशैली की मुक्त कंठ से सराहना की। सेना प्रमुख ने बल दिया कि भविष्य के खतरों को निष्प्रभावी बनाने के लिए इनोवेशन और तकनीकी स्वावलंबन को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।
सीमावर्ती गांवों में विकास और राष्ट्र निर्माण की भूमिका
अपने दौरे के अगले चरण में, जनरल धीरज सेठ ने व्हाइट नाइट कोर मुख्यालय के अधीन पुंछ, राजौरी और सुंदरबनी सेक्टरों का दौरा किया। यहां उन्होंने न केवल सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की, बल्कि सीमा से सटे भारत के पहले गांवों में संचालित विकास और जनहित संबंधी गतिविधियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय आबादी के साथ सेना के मजबूत जुड़ाव और राष्ट्र निर्माण में सैनिकों द्वारा निभाई जा रही भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सेना का कार्य केवल सीमाओं की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती निवासियों के कल्याण के लिए भी तत्पर रहना है।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ भविष्य का लक्ष्य
दौरे के समापन पर सेना प्रमुख ने भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों के अनुशासित प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने जवानों को ‘नेशन फर्स्ट’ यानी ‘राष्ट्र प्रथम’ की सर्वोच्च भावना के साथ हमेशा सतर्क रहने का आह्वान किया। जनरल सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में भारतीय सेना की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जवानों को प्रेरित करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन को निरंतर बनाए रखने और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।
Read More : Dhamaal 4 Review: हंसी का डबल डोज या फुस्स? जानिए कैसी है अजय-रितेश की फिल्म











