Karur Stampede: भगदड़ पीड़ित परिवारों से मिले, 32 लोगों को सौंपे नियुक्ति पत्र और जताया दुख

तमिलनाडु के करूर दौरे पर मुख्यमंत्री विजय ने भगदड़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला करूर दौरा था। इस दौरान उन्होंने 32 प्रभावित लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपे और कहा कि उन्होंने पुलिस पर भरोसा किया था, लेकिन घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

Karur Stampede:  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को करूर का अपना पहला आधिकारिक दौरा किया। मई में पदभार संभालने के बाद यह उनका अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मिशन था। मुख्यमंत्री ने पिछले साल सितंबर में हुई एक भीषण भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। इस दुखद घटना में 41 लोगों की जान चली गई थी। अपनी यात्रा के दौरान कड़े सुरक्षा घेरे में मुख्यमंत्री ने 32 पीड़ित परिवारों को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे, ताकि उनके जीवन को संबल मिल सके। काले रंग के वस्त्र धारण किए हुए सीएम विजय ने कहा कि यह वेशभूषा उन 41 दिवंगतों के प्रति उनकी गहरी श्रद्धांजलि और उनके परिवारों के साथ एकजुटता का प्रतीक है।

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पुलिस प्रशासन पर सवाल: खुफिया जानकारी के अभाव ने बढ़ाई त्रासदी

करूर की त्रासदी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री विजय काफी भावुक नजर आए। उन्होंने इस घटना को अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन का सबसे बड़ा जख्म करार दिया। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक चूक की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें पेरंबालूर पुलिस से तो भीड़ के अनियंत्रित होने की चेतावनी मिली थी, लेकिन करूर पुलिस ने उन्हें ऐसी कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि करूर पुलिस प्रशासन ने उन्हें घटनास्थल पर ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्होंने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया। पुलिस की यह कथित विफलता ही इस बड़ी त्रासदी का कारण बनी। उन्होंने विपक्षी दल डीएमके और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए और इस लापरवाही को अक्षम्य बताया।

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अमर बलिदानों की याद में बनेगा भव्य स्मारक

करूर की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भावुक वादा किया कि यह शहर अब उनके दिल का एक हिस्सा बन चुका है, जिसे वे कभी भुला नहीं पाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि भगदड़ में जान गंवाने वाले उन 41 निर्दोष लोगों की स्मृति को सदैव जीवित रखने के लिए करूर जिले में एक भव्य और स्थायी स्मारक का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्मारक केवल पत्थर की एक संरचना नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति पार्टी और राज्य सरकार की सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे एक सबक के रूप में पेश करने की बात कही ताकि भविष्य में ऐसी मानवीय चूक दोबारा न हो।

पीड़ितों के प्रति एकजुटता और राजनीतिक संकल्प

पीड़ित परिवारों के साथ लंबी बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र देना तो केवल एक छोटी शुरुआत है, सरकार इन परिवारों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ी रहेगी। करूर के लोगों ने मुख्यमंत्री के इस भावनात्मक जुड़ाव की सराहना की। विपक्षी दलों की आलोचना का जवाब देते हुए विजय ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो घटना घट गई उसे बदला तो नहीं जा सकता, लेकिन प्रभावित परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करना और उन 41 लोगों के बलिदान को सम्मान देना उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी। यह दौरा न केवल प्रशासनिक सक्रियता का प्रतीक था, बल्कि करूर की जनता के जख्मों पर मरहम लगाने का एक गंभीर प्रयास भी था।

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