Ram Mandir News : श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासनिक और परिचालन कार्यों को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ट्रस्ट ने पहली बार मंदिर के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक तीन-सदस्यीय चयन समिति का गठन किया गया है, जिसमें सेवानिवृत्त परमाणु वैज्ञानिक सुरेश हावरे, पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली और लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं। यह कदम मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और व्यवस्थागत जरूरतों को देखते हुए उठाया गया है।



रामभक्त वैष्णव उम्मीदवारों को मिलेगी प्राथमिकता
चयन समिति के सदस्य और प्रतिष्ठित परमाणु वैज्ञानिक सुरेश हावरे के अनुसार, इस पद के लिए केवल एक कुशल प्रशासक की ही नहीं, बल्कि एक समर्पित रामभक्त की भी तलाश है। ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि आवेदक का सक्रिय हिंदू होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, ‘रामभक्त वैष्णव’ पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। सुरेश हावरे, जो स्वयं शिरडी साईं बाबा संस्थान के प्रमुख रह चुके हैं और ‘टेम्पल मैनेजमेंट’ पुस्तक के लेखक हैं, इस नियुक्ति प्रक्रिया की बारीकियों को देख रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता यह सुनिश्चित करेगी कि राम मंदिर का प्रशासन सनातन परंपराओं और आधुनिक प्रबंधन का एक आदर्श मेल हो।

पात्रता मानदंड और प्रमुख उत्तरदायित्व
इस पद के लिए तीन वर्ष का कार्यकाल निर्धारित किया गया है, जिसे संतोषजनक प्रदर्शन के आधार पर विस्तारित किया जा सकता है। उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनके पास किसी बड़े संस्थान या संगठन में कम से कम 20 वर्षों का प्रबंधकीय अनुभव होना आवश्यक है। धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन का पूर्व अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को विशेष तरजीह दी जाएगी। चयनित CEO अयोध्या में ही तैनात रहेंगे और वे मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और विकास संबंधी कार्यों के सर्वोच्च उत्तरदायी अधिकारी होंगे। वे सीधे ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेंगे और संस्था के वैधानिक प्रावधानों व डीड का पालन सुनिश्चित करेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की प्रतिष्ठा बढ़ाना
CEO की प्रमुख जिम्मेदारियों में लाखों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों और उत्सवों का सुचारु संचालन, विशिष्ट अतिथियों व संतों की व्यवस्था और मंदिर की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाना भी उनके मुख्य दायित्वों में होगा। ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और भविष्य की विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना भी इसी पद की जिम्मेदारी होगी। यह नियुक्ति राम मंदिर के भविष्य के स्वरूप को एक पेशेवर और आध्यात्मिक ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
चयन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए समिति ने एक सचिव की भी नियुक्ति की है जो आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। इच्छुक उम्मीदवार अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर 18 जुलाई 2026 की शाम 4 बजे तक ईमेल के माध्यम से अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। यह नियुक्ति न केवल राम मंदिर के संचालन में एक नया अध्याय खोलेगी, बल्कि भविष्य के लिए एक मानक स्थापित करेगी, जिससे मंदिर के प्रबंधन में दक्षता और आध्यात्मिकता का संतुलन बना रहे।
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