Chhatarpur News : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर थाना अंतर्गत ग्राम कोड़ा में मंगलवार को हुई एक फायरिंग की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग का नाम इसमें सामने आया। पीड़ित किसान मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि जमीन से जुड़े एक पुराने विवाद के कारण उन पर जानलेवा हमला किया गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया और आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने घायल किसान को जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका इलाज किया जा रहा है।

जमीन विवाद और धमकाने का आरोप
घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा ने घटना के पीछे गंभीर साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र के किसानों पर उनकी पुश्तैनी जमीन बेचने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित के मुताबिक, जो किसान अपनी जमीन देने से मना करते हैं, उन्हें न केवल धमकाया जाता है, बल्कि उन पर शारीरिक हमला भी किया जाता है। मोतीलाल का कहना है कि इसी कड़ी में मंगलवार को जब वे अपनी जमीन के संबंध में चर्चा कर रहे थे, तभी शालिग्राम गर्ग और उनके साथियों ने उन पर गोलियां चला दीं। गोली लगने से किसान घायल हो गए, हालांकि समय पर अस्पताल पहुँचने से उनकी जान बच सकी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
घटना की सूचना मिलते ही छतरपुर पुलिस प्रशासन हरकत में आया। छतरपुर के एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खजुराहो के एसडीओपी को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा की गई प्रारंभिक एक्स-रे जांच में किसान के शरीर में गोली जैसी वस्तु के अंश दिखाई दिए हैं। पुलिस की टीम अब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर रही है और वहां से सबूत जुटाए जा रहे हैं। फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार, कारतूस के खोखे और अन्य साक्ष्यों को बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।
चार लोगों पर मामला दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी के अनुसार, सतीश, शालिग्राम और आशीष नाम के व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी जांच की जा रही है। इस तरह कुल चार लोगों की संलिप्तता की पड़ताल की जा रही है। घटना के संबंध में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे पुलिस फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही है। पीड़ित के बयानों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर तीन राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें से एक हवाई फायर था और अन्य गोलियां किसान को लगीं।
साक्ष्यों के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतेंगे। मेडिकल रिपोर्ट, एमएलसी (MLC) रिपोर्ट और मौके से एकत्रित किए गए साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। छतरपुर एसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से पुलिस की टीमें इलाके में तैनात हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान साक्ष्य जुटाने और निष्पक्ष जांच पूरी करने पर केंद्रित है, ताकि दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके।
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