Wasseypur Gangster Case: झारखंड के धनबाद का कुख्यात गैंगस्टर साबिर आलम, जो वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। साबिर आलम 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपुरा इलाके में छिपकर अपनी जिंदगी बिता रहा था। वह वासेपुर के चर्चित कोल माफिया फहीम खान की मां और मौसी की वर्ष 2001 में हुई हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है। साबिर उस समय कोर्ट से फरार हो गया था, जिसके बाद झारखंड पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की थी। लेकिन साबिर छत्तीसगढ़ में सुरक्षित पनाहगाह ढूंढकर फरार चल रहा था।

पुलिस दबिश और गैंगस्टर के भागने का ड्रामा
झारखंड पुलिस की एक टीम को गुप्त सूचना मिली कि वासेपुर का वारंटी साबिर आलम अंबिकापुर में छिपा है। इस सूचना के आधार पर, धनबाद के बरोरा थाना प्रभारी उप निरीक्षक अभय कुमार के नेतृत्व में एक टीम 29 जून की रात अंबिकापुर पहुंची। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मोमिनपुरा चौक के पास गैंगस्टर साबिर आलम को धर दबोचा। हालांकि, जैसे ही पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले जाने लगी, साबिर ने खुद को छुड़ाने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। इस हंगामे के बीच वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम पर दबाव बनाया, और इसी आपाधापी का फायदा उठाकर जुनैद खान और मोहम्मद जाहिद खान समेत अन्य सहयोगियों ने पुलिस की हिरासत से साबिर को भगा दिया।

पुलिस की सख्त कार्रवाई: पिता और पुत्र की गिरफ्तारी
इस घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया। धनबाद पुलिस की लिखित शिकायत पर अंबिकापुर की कोतवाली पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं, जिनमें 221, 132, 126(2), 296(बी), 351(3), 263(ई), 352 और 3(5) शामिल हैं, के तहत गंभीर अपराध दर्ज किया। जांच को आगे बढ़ाते हुए हबीबनगर नया बस्ती के रहने वाले 30 वर्षीय जुनैद खान और उसके पिता 59 वर्षीय मोहम्मद जाहिद खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह दोनों आरोपी ही गैंगस्टर साबिर को भगाने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि साबिर के अन्य मददगारों और उसके छिपने के ठिकाने का पता लगाया जा सके।
कानून का शिकंजा: संरक्षण देने वालों पर भी होगी कार्रवाई
गैंगस्टर साबिर आलम को न केवल पनाह देने, बल्कि पुलिस हिरासत से भगाने के इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सरगुजा पुलिस अब उन सभी लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने पिछले एक दशक से भी अधिक समय से इस अपराधी को सुरक्षित माहौल मुहैया कराया। पुलिस ने साफ कर दिया है कि अपराधी को संरक्षण देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अंबिकापुर के इस घटनाक्रम के बाद, पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। गैंगस्टर साबिर को पकड़ने के लिए अब छत्तीसगढ़ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीमें बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रही हैं। इस गिरफ्तारी ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून से भागना अब किसी के लिए भी आसान नहीं होगा।
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