CJP Leaders Meeting: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन और संसद कूच के दौरान सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई, जिसमें कुछ लोग मामूली रूप से घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण मध्य दिल्ली के इलाकों में भारी अफरातफरी और जाम की स्थिति बनी रही।

सीजेपी नेताओं की जेपी नड्डा से मुलाकात और मुख्य मांगें
हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बीच सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। सीजेपी नेता सौरव दास ने जानकारी देते हुए बताया कि वे दोपहर से ही चर्चा में शामिल थे और केंद्रीय मंत्री को अपनी मांगें सौंप दी गईं, जिनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा या बर्खास्तगी शामिल है। नड्डा ने इस पर उचित स्तर पर चर्चा करने का आश्वासन दिया है, हालांकि कोई ठोस प्रतिबद्धता अभी नहीं जताई गई है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का बयान और धरना समाप्त करने की अपील
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के दौरान बताया कि सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव सुबह ही मिल गया था और एक सौहार्दपूर्ण माहौल में लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ मौखिक चर्चा के बाद शाम को लिखित याचिका भी प्राप्त हुई है। नड्डा ने सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे अपना धरना समाप्त कर दें और राजधानी में कानून-व्यवस्था व सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करें।
अभिजीत दिपके की हिरासत की खबर को दिल्ली पुलिस ने बताया अफवाह
प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर यह तेजी से फैल गया कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने की खबरें महज एक अफवाह हैं और वे पूरी तरह सुरक्षित रूप से मंच पर ही मौजूद हैं।
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की उच्च स्तरीय बैठक
राजधानी में दिनभर चले इस सियासी और प्रशासनिक हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच एक लंबी और अहम बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, इस हाई-लेवल मीटिंग में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी शामिल रहे। यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें मौजूदा राजनीतिक हालात और सुरक्षा व्यवस्था पर गहन मंथन किया गया। वहीं दूसरी ओर, पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर को पूरी तरह खाली करवा लिया और अधिकांश प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया।
मानसून सत्र के पहले दिन सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों में भिड़ंत
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हुए इस प्रदर्शन ने मध्य दिल्ली को रणक्षेत्र में बदल दिया। उच्च सुरक्षा वाले संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेड्स तोड़ने के प्रयास में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच बार-बार झड़पें हुईं। स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने दंगा रोधी वाहनों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल भी हुए, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई।
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