Bihar Flood : बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही। भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 15 जिलों में 46.88 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। कई निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है।
88 प्रखंडों की 561 पंचायतें प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) की ओर से शुक्रवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ का असर 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 561 ग्राम पंचायतों तक पहुंच गया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी प्रभावित हुई है। बाढ़ के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है, वहीं कई स्थानों पर घरों और अन्य संपत्तियों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। तराई क्षेत्र में रहने वाले कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बाढ़ का असर
बाढ़ से प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। इनमें भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर को सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बताया गया है। इन क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के उफान के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ी हुई हैं।
गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार सितंबर में अब तक राज्य में 90 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक है। भागलपुर के सुल्तानगंज में शुक्रवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 36.62 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यह खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। हालांकि प्रशासन के अनुसार यहां जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।
गंडक और कोसी सहित कई नदियों में उफान
डीएमडी के बुलेटिन के अनुसार गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी नदी बलतरा और कुर्सेला में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बूढ़ी गंडक का जलस्तर खगड़िया में, जबकि गंगा दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान के पार है। पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
तीन दिन बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों के दौरान बिहार के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने इस दौरान कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। लगातार बारिश होने की स्थिति में नदियों के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पहले से प्रभावित इलाकों में खतरा और बढ़ने की आशंका है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत व्यवस्था जारी
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग जिलों में 1,194 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविर भी चल रहे हैं। इन शिविरों में करीब 11,255 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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