‘चलो संसद’ मार्च के दौरान CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके को पुलिस अपने साथ ले गई। इस घटनाक्रम के बाद प्रदर्शन स्थल पर हलचल तेज हो गई। पुलिस का आधिकारिक पक्ष क्या है और आगे क्या होगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।
‘चलो संसद’ मार्च के दौरान CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके को पुलिस अपने साथ ले गई। इस घटनाक्रम के बाद प्रदर्शन स्थल पर हलचल तेज हो गई। पुलिस का आधिकारिक पक्ष क्या है और आगे क्या होगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Chalo Sansad March: नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने के विरोध में राजधानी की सड़कें सुलग उठी हैं। छात्रों और प्रदर्शनकारियों का यह गुस्सा अब सड़कों पर हिंसक टकराव में तब्दील हो चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है, जिससे मध्य दिल्ली में भारी तनाव और अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।


इस हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि इस बड़े आंदोलन की अगुवाई कर रहे पार्टी प्रमुख अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस जबरन उठाकर ले गई है। सौरभ दास ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बेरहमी से लाठियां बरसा रही है। उन्होंने देश के सभी सांसदों से सड़कों पर उतरे इन पीड़ित छात्रों के समर्थन में आगे आने की जोरदार अपील की है।

उधर, जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार, अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के विशेष अनुरोध पर आज अपना अनशन खत्म किया, हालांकि अस्पताल से सोनम वांगचुक का अनशन अभी भी जारी है। आपको बता दें कि अभिजीत दिपके ने 18 जुलाई को तब अपना अनशन शुरू किया था, जब 21 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद तबीयत बिगड़ने पर सोनम वांगचुक को डॉक्टरी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
एक तरफ जहां जंतर-मंतर पर सीजेपी के हजारों कार्यकर्ता और समर्थक परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग को लेकर लगातार डटे हुए थे, वहीं दूसरी तरफ सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच मध्यस्थता की पहल भी शुरू हुई। पार्टी के वरिष्ठ प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी तमाम मांगें उनके समक्ष रखीं। इस उच्च स्तरीय बैठक में आंदोलनकारियों के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई ताकि राजधानी में उपजे इस तनावपूर्ण गतिरोध का कोई शांतिपूर्ण और ठोस समाधान निकाला जा सके।
प्रदर्शनकारियों की उग्र भीड़ द्वारा संसद भवन की ओर मार्च करने के प्रयास के चलते सुरक्षा के मद्देनजर संसद के कुछ गेटों को सोमवार को कुछ समय के लिए एहतियातन बंद करना पड़ा। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे वहां भारी भगदड़ मच गई। अधिकारियों ने बताया कि संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास सुरक्षाबलों ने हल्का बल प्रयोग कर कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।

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