Historical Mystery : राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता इलाके में एक पुरानी पुश्तैनी हवेली से कथित रूप से करोड़ों रुपये का खजाना मिलने का मामला सामने आया है। हवेली में खुदाई के दौरान सोना-चांदी और पुराने सिक्के मिलने के दावे ने पूरे शहर में चर्चा तेज कर दी है। हवेली मालिक ने निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार और उसके साथियों पर कीमती सामान चोरी करने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी सरकारी एजेंसी ने खजाना मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

हवेली मालिक ने ठेकेदार पर लगाए कीमती सामान गायब करने के आरोप
हवेली के मालिक राहुल सेठी ने माणकचौक थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हवेली की खुदाई के दौरान बड़ी मात्रा में चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे कलश और पुराने चांदी के सिक्के मिले थे। राहुल सेठी के अनुसार, खुदाई के दौरान करीब 40 से 45 किलो चांदी की सिल्लियां, 14 से 15 कलशों में सोने के सिक्के और लगभग 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिले थे। आरोप है कि ठेकेदार और उसके सहयोगियों ने इस खजाने को आपस में बांट लिया।

मजदूर के खुलासे और वीडियो साक्ष्यों से बढ़ा मामले का रहस्य
राहुल सेठी ने पुलिस को बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि खुदाई के दौरान मिलने वाली किसी भी मूल्यवान वस्तु को परिवार को सौंपा जाएगा। लेकिन बाद में एक मजदूर ने कथित रूप से पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद कुछ वीडियो सामने आए, जिन्हें पुलिस को जांच के लिए सौंप दिया गया है। पुलिस अब इन वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
सेठी परिवार का पुराना व्यापारिक इतिहास भी चर्चा में आया
स्थानीय लोगों के अनुसार, सेठी परिवार जयपुर के पुराने और प्रतिष्ठित व्यापारिक परिवारों में गिना जाता है। बताया जाता है कि राहुल सेठी के दादा बद्रीनारायण सेठी 1970 के दशक में जयपुर और मुंबई के बड़े कारोबारियों में शामिल थे। उनका मुंबई में जीडी मावा वाला एंड कंपनी के नाम से मिठाई का बड़ा कारोबार था। क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति और संपन्नता उस समय पूरे शहर में प्रसिद्ध थी।
पुरानी हवेली और संभावित खजाने को लेकर इलाके में चर्चाएं तेज
स्थानीय निवासी अमित ने बताया कि यह हवेली काफी पुरानी थी और करीब डेढ़ साल पहले इसे तोड़ने का काम शुरू हुआ था। उसी समय से इलाके में यह चर्चा चल रही थी कि खुदाई के दौरान कुछ कीमती सामान मिला है। उन्होंने कहा कि बद्रीनारायण सेठी काफी धनवान थे, इसलिए लोगों को लगता है कि हवेली में पुराना खजाना हो सकता है। हालांकि उन्होंने खुद खजाना देखने की बात से इनकार किया और इसे केवल स्थानीय चर्चाएं बताया।
दुकानदारों ने भी खजाने को लेकर बताई पुरानी चर्चाएं
इलाके के दुकानदार राजा रामचंदानी ने बताया कि हवेली टूटने के समय से ही लोगों के बीच सोना-चांदी मिलने की बातें हो रही थीं। उन्होंने कहा कि हवेली मालिक राहुल सेठी ने भी मामले की जानकारी जुटाने की कोशिश की थी। अब लोगों के बीच यह चर्चा है कि अगर वास्तव में कोई खजाना मिला है तो उस पर मालिक परिवार का अधिकार होना चाहिए।
पुलिस ने शुरू की जांच, सच्चाई सामने आने का इंतजार
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पेन ड्राइव समेत अन्य साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं। अब संबंधित लोगों से पूछताछ, वीडियो जांच और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
खजाना मिला या सिर्फ दावा, जांच के बाद होगा खुलासा
विद्याधर का रास्ता जयपुर के सबसे पुराने ऐतिहासिक इलाकों में शामिल है, जहां आज भी कई प्राचीन हवेलियां मौजूद हैं। ऐसे में इस कथित खजाने की खबर ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हवेली से वास्तव में करोड़ों का खजाना बरामद हुआ था या यह केवल एक दावा है। पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।











