Delhi News: नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से विरोध प्रदर्शन जारी है। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हो रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

गृह मंत्रालय ने इंटरनेट सेवाओं पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध
आंदोलन के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक अहम फैसला लेते हुए जंतर-मंतर के आसपास लगभग 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्देश जारी किया। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी भी संभावित सार्वजनिक आपात स्थिति या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या को रोका जा सके। प्रशासन का मानना है कि संवेदनशील परिस्थितियों में इस तरह के कदम सुरक्षा प्रबंधन का हिस्सा होते हैं।

निर्धारित समय तक ही रहेगा इंटरनेट बंद
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट सेवाएं पूरे दिन बंद नहीं रहेंगी। आदेश के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक निलंबित रहेंगी। यह निर्णय दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव की मंजूरी के बाद इस अवधि को बढ़ाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, 17 जुलाई से अब तक इसी क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए कई आदेश जारी किए जा चुके हैं।
सरकार ने बातचीत का दिया प्रस्ताव
इस बीच केंद्र सरकार की ओर से आंदोलनकारी पक्ष के साथ संवाद स्थापित करने की कोशिशें भी जारी हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारी संगठन सीजेपी से बातचीत के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का स्थायी समाधान केवल बातचीत और आपसी सहमति से ही संभव है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि पिछले 24 घंटों के दौरान सरकार ने सीजेपी को कम से कम चार बार वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। उनका कहना था कि सरकार संवाद के माध्यम से आगे का रास्ता निकालना चाहती है।
सीजेपी ने वार्ता के स्थान पर जताई आपत्ति
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के प्रस्तावित बैठक स्थल पर आपत्ति जताई है। संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत करने से इनकार कर दिया। सीजेपी का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है, तो बैठक जंतर-मंतर पर या किसी ऐसे निष्पक्ष स्थान पर आयोजित की जानी चाहिए, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार करें। संगठन का मानना है कि तटस्थ स्थान पर होने वाली वार्ता अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद होगी।
दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां भी हुईं तेज
जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समानांतर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल भी तेज रही। गुरुवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर कई विपक्षी सांसद एकत्र हुए। इसके बाद सभी सांसद एक बस में सवार होकर राजघाट की ओर रवाना हुए। सुरक्षा व्यवस्था के चलते रास्ते में कुछ समय के लिए उनकी बस को रोक दिया गया, हालांकि बाद में उन्हें आगे जाने की अनुमति दे दी गई। इस घटनाक्रम ने राजधानी में आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा और तेज कर दी है।
सभी की नजर आगे की रणनीति पर
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर छात्र आंदोलन, सरकार के साथ संभावित वार्ता और विपक्ष की सक्रियता ने पूरे घटनाक्रम को राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बना दिया है। एक ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कर रही है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में वार्ता आगे बढ़ती है या आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेता है।
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