Gas and Acidity: अगर आपको कभी-कभार भारी, तला-भुना या मसालेदार भोजन खाने के बाद गैस या एसिडिटी होती है तो यह सामान्य हो सकता है। लेकिन यदि पेट में गैस, ब्लोटिंग या एसिडिटी की समस्या लगभग हर दिन बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार होने वाली यह परेशानी पाचन तंत्र में गड़बड़ी का संकेत हो सकती है। साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और एमबीबीएस, एमडी डॉ. बिमल छाजेर ने अपने यूट्यूब वीडियो में बताया है कि किन कारणों से रोजाना गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या हो सकती है और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

गलत खानपान बन सकता है सबसे बड़ा कारण
डॉ. बिमल छाजेर के अनुसार, रोजाना गैस और एसिडिटी होने के पीछे सबसे प्रमुख वजह आपकी डाइट हो सकती है। कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो कुछ लोगों में गैस बनने की समस्या बढ़ा देते हैं। उदाहरण के लिए राजमा, पत्ता गोभी, फूलगोभी और ब्रोकली जैसे खाद्य पदार्थ कुछ लोगों के लिए गैस का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा तला-भुना भोजन, अधिक तेल-मसाले वाली चीजें, फास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक्स भी पेट में गैस बनने और एसिडिटी बढ़ाने का काम करते हैं। इसलिए यह पहचानना जरूरी है कि कौन-सा भोजन आपके शरीर को सूट नहीं कर रहा है।

खाने की गलत आदतें भी बिगाड़ती हैं पाचन
सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि खाने का तरीका भी पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। यदि आप बहुत जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं, भोजन करते समय लगातार बातें करते हैं या एक बार में जरूरत से ज्यादा भोजन कर लेते हैं, तो इससे पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके अलावा देर रात खाना खाने की आदत भी पाचन क्रिया को धीमा कर देती है। इन गलत आदतों के कारण भोजन ठीक से नहीं पचता, जिससे गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या बार-बार होने लगती है। इसलिए आराम से, अच्छी तरह चबाकर और सही समय पर भोजन करना जरूरी है।
खराब गट हेल्थ से बढ़ सकती है परेशानी
स्वस्थ पाचन के लिए आंतों का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। हमारी आंतों में अच्छे और खराब दोनों तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। जब हम नियमित रूप से जंक फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और अत्यधिक मीठी चीजों का सेवन करते हैं, तो अच्छे बैक्टीरिया की संख्या कम होने लगती है। इसका असर पाचन तंत्र पर पड़ता है और भोजन ठीक से नहीं पच पाता। परिणामस्वरूप पेट में गैस, ब्लोटिंग, भारीपन और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इसलिए फाइबर युक्त भोजन, ताजे फल, सब्जियां और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना चाहिए।
तनाव और चिंता भी बन सकते हैं वजह
बहुत से लोग यह नहीं जानते कि मानसिक तनाव और चिंता का सीधा असर पेट पर पड़ता है। तनाव की स्थिति में दिमाग और पाचन तंत्र के बीच का संतुलन प्रभावित हो जाता है। इससे पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ सकता है, जिससे एसिडिटी, गैस और पेट में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। लंबे समय तक तनाव में रहने वाले लोगों में पाचन संबंधी परेशानियां अधिक देखने को मिलती हैं। इसलिए योग, ध्यान, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम जैसी आदतें अपनाकर मानसिक तनाव को कम करना भी जरूरी है।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
यदि गैस, ब्लोटिंग या एसिडिटी की समस्या लगातार बनी रहती है, बार-बार दवा लेने के बावजूद आराम नहीं मिलता या इसके साथ वजन कम होना, उल्टी, खून आना या तेज पेट दर्द जैसी शिकायतें भी हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित खानपान, सही जीवनशैली, नियमित व्यायाम और तनाव पर नियंत्रण रखने से अधिकांश लोगों में गैस और एसिडिटी की समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है। समय रहते सही कारण की पहचान और उचित इलाज से पाचन तंत्र को स्वस्थ रखा जा सकता है।
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