Chhattisgarh Conversion Law : धर्मांतरण कानून के बाद भी सियासी संग्राम जारी, अरविंद नेताम के बयान से गरमाई राजनीति

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर सियासी बहस कानून बनने के बाद भी थमती नजर नहीं आ रही है। आदिवासी नेता अरविंद नेताम के बयान ने इस मुद्दे को फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उनके बयान के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।

Chhattisgarh Conversion Law : छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को मंजूरी देकर कानून बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रस्तावित कानून में जबरन, प्रलोभन, दबाव या अन्य माध्यमों से धर्म परिवर्तन कराने के मामलों में कड़े प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, कानून की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद धर्मांतरण का मुद्दा राजनीतिक बहस से बाहर नहीं हुआ है। अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस विषय को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

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आदिवासी क्षेत्रों में लंबे समय से चर्चा का विषय

छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाकों में धर्मांतरण का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय रहा है। नक्सलवाद की चुनौती कमजोर होने के बाद कई आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण को लेकर बहस और अधिक प्रमुख होती दिखाई दे रही है। सरकार का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का धर्म दबाव, धोखे, प्रलोभन या कथित साजिश के जरिए बदला जा रहा है तो ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक है।

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अरविंद नेताम ने कांग्रेस की नीति पर उठाए सवाल

वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम के एक बयान ने इस राजनीतिक बहस को और हवा दे दी है। नेताम ने धर्मांतरण के मुद्दे पर कांग्रेस की नीति को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पार्टी इस विषय पर कभी पर्याप्त गंभीर नहीं रही। उनका कहना है कि धर्मांतरण के मामले में कांग्रेस का रुख अपेक्षाकृत नरम रहा है, जबकि बीजेपी लंबे समय से इस मुद्दे पर ज्यादा आक्रामक और मुखर रुख अपनाती रही है।

RSS के योगदान का भी किया उल्लेख

अरविंद नेताम ने अपने बयान में धर्मांतरण रोकने के प्रयासों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS की भूमिका का भी उल्लेख किया। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी। बीजेपी को जहां कांग्रेस पर हमला करने का अवसर मिला, वहीं कांग्रेस ने भी RSS की भूमिका और उसकी विचारधारा को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इससे राज्य में धर्मांतरण का मुद्दा और अधिक राजनीतिक हो गया।

कांग्रेस ने RSS पर साधा निशाना

नेताम के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने RSS को लेकर तीखा हमला जरूर बोला। कांग्रेस का आरोप है कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी ने RSS की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस विषय पर राजनीतिक विमर्श को केवल आरोपों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

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बीजेपी ने नेताम के बयान को बनाया मुद्दा

कांग्रेस के हमले के बाद बीजेपी ने अरविंद नेताम के बयान को अपने पक्ष में इस्तेमाल किया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नेताम की बात का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सही मुद्दा उठाया है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने लंबे समय तक धर्मांतरण के मामलों पर नरम रवैया अपनाया और इसके पीछे वोट बैंक की राजनीति काम करती रही। सत्ता पक्ष इसे आदिवासी हितों से जोड़कर भी देख रहा है।

डेमोग्राफी बदलने के प्रयासों का विरोध

सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक और जनसांख्यिकीय संरचना को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बीजेपी के मुताबिक, यदि धर्म परिवर्तन दबाव, प्रलोभन या किसी कथित षड्यंत्र के जरिए कराया जाता है तो उस पर कार्रवाई जरूरी है। इसी उद्देश्य से धर्म स्वातंत्र्य कानून में कड़े प्रावधान किए जाने की बात सरकार की ओर से कही जा रही है।

कानून बनने के बाद भी खत्म नहीं हुई सियासत

धर्मांतरण को लेकर कानून बनाने की दिशा में कदम उठाए जाने के बावजूद राजनीतिक विवाद खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। सरकार इसे आदिवासी समाज और राज्य की सामाजिक संरचना की सुरक्षा से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष सत्ता पक्ष और RSS की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में धर्मांतरण का मुद्दा कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी केंद्र बना हुआ है।

अब समाधान और सियासत के बीच सवाल

कानून बनने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कड़े प्रावधान और प्रभावी कार्रवाई से धर्मांतरण को लेकर आदिवासी क्षेत्रों में मौजूद चिंताओं का स्थायी समाधान हो सकेगा। या फिर यह मुद्दा आने वाले चुनावों में दोबारा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का आधार बनेगा। फिलहाल अरविंद नेताम के बयान ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में धर्मांतरण के मुद्दे को फिर से गर्म कर दिया है और कांग्रेस-बीजेपी के बीच बहस तेज होती दिख रही है।

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Chandan Das

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