Trump on Spain Migrant Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध प्रवास, अमेरिका की सीमा सुरक्षा और आगामी मिडटर्म चुनावों को लेकर कई अहम बयान दिए हैं। स्पेन में अवैध प्रवासियों के प्रवेश की खबरों के बीच ट्रंप ने कहा कि यदि नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, तो अमेरिका को इससे भी बड़े स्तर पर अवैध प्रवास की समस्या झेलनी पड़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने सीमा सुरक्षा को पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत बनाया है और रिपब्लिकन प्रशासन ही इस स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर सकता है।

भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने का दावा दोहराया
कैंप डेविड में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष को रोकने का श्रेय स्वयं को दिया। उन्होंने दावा किया कि यदि दोनों देश संघर्ष जारी रखते, तो अमेरिका दोनों पर 250 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने पर विचार करता। ट्रंप के अनुसार, इसी आर्थिक दबाव के कारण दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय लिया। हालांकि, इस दावे को लेकर भारत पहले ही अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट कर चुका है।

11 विमान गिराए जाने का भी किया उल्लेख
ट्रंप ने बातचीत के दौरान कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष बेहद गंभीर स्थिति तक पहुंच गया था। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान 11 विमान मार गिराए गए थे और हालात तेजी से बिगड़ रहे थे। ट्रंप के अनुसार, उन्होंने दोनों देशों को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि युद्ध जारी रहा तो अमेरिका कड़े आर्थिक कदम उठाएगा। हालांकि, भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि ट्रंप का यह दावा तथ्यों पर आधारित नहीं है और भारत ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है।
अपने कार्यकाल में आठ युद्ध रुकवाने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान दुनिया के आठ अलग-अलग संघर्षों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का भी उल्लेख करते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समझौते के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने यह संकेत दिया कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में भी प्रगति हो सकती है। हालांकि, इन दावों पर संबंधित देशों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भी किया जिक्र
मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि उन्होंने दो परमाणु संपन्न देशों के बीच संभावित बड़े युद्ध को टालकर करोड़ों लोगों की जान बचाई। ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तान ने उनकी भूमिका की सराहना की थी। हालांकि, इस दावे पर भी कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है और भारत लगातार अपने अलग रुख पर कायम है।
भारत ने दोहराया अपना आधिकारिक पक्ष
भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि संघर्ष विराम की प्रक्रिया पूरी तरह द्विपक्षीय सैन्य संपर्क के माध्यम से आगे बढ़ी थी। भारत के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के महानिदेशक सैन्य अभियान (DGMO) ने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया था, जिसके बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी तीसरे देश या बाहरी मध्यस्थ की कोई भूमिका नहीं थी। यही कारण है कि ट्रंप के दावों को भारत लगातार तथ्यात्मक आधार पर अस्वीकार करता आया है।
मिनेसोटा साइबर हमले और सीमा सुरक्षा पर भी बोले
ट्रंप ने अमेरिकी राजनीति और सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने मिनेसोटा में हुए साइबर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा हो, लेकिन उनके अनुसार इसकी बड़ी वजह स्थानीय प्रशासन की अक्षमता है। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में अमेरिका की सीमा सुरक्षा इतिहास की सबसे मजबूत स्थिति में पहुंच गई थी और अवैध प्रवास पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया था।
चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी
आगामी अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से पहले ट्रंप लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा नियंत्रण और विदेश नीति जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। वहीं भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर उनके हालिया बयान एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। हालांकि, भारत ने अपने आधिकारिक रुख में कोई बदलाव नहीं किया है और दोहराया है कि संघर्ष विराम का निर्णय दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हुई सीधी बातचीत के बाद लिया गया था। ऐसे में ट्रंप के दावे और भारत के आधिकारिक बयान के बीच स्पष्ट मतभेद बना हुआ है।











