UP Assembly : उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर गरमा गई। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने इस विषय पर चर्चा कराने की मांग करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का कहना था कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

नेता प्रतिपक्ष ने उठाई चर्चा की मांग
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे को उठाया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस विषय पर विधानसभा में चर्चा कराई जाए ताकि सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जा सके। उनका कहना था कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और पारदर्शिता से जुड़ा विषय है। हालांकि, अध्यक्ष द्वारा चर्चा की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद विपक्ष ने अपना विरोध और तेज कर दिया।

वेल में पहुंचे सपा विधायक, कार्यवाही हुई बाधित
चर्चा की अनुमति नहीं मिलने से नाराज समाजवादी पार्टी के सदस्य सदन के वेल में पहुंच गए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार शोर-शराबे और हंगामे के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी। हालात को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12:20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस का माहौल बना रहा।
अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री का जवाब
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि यदि उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए कोई राशि दान की है तो उसकी रसीद सदन में प्रस्तुत करें। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस और तेज हो गई। वहीं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए आस्था से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है और उसका धार्मिक भावनाओं से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है।
अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में सरकार
विधानसभा के भीतर जारी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। सरकार ने मानसून सत्र के दौरान अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी भी पूरी कर ली है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस बजट का उद्देश्य पहले से संचालित विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है। इसके अलावा जनहित से जुड़े नए और आवश्यक कार्यों के लिए भी धन का प्रावधान किया जाएगा।

विकास कार्यों को गति देने पर सरकार का जोर
वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि अनुपूरक बजट के जरिए प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी और विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी स्पष्ट किया कि जब वित्तीय वर्ष के दौरान पहले से स्वीकृत बजट के अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है, तब अनुपूरक बजट लाया जाता है। इसमें नई योजनाओं के साथ-साथ पहले से चल रही परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया जाता है। ऐसे में एक ओर विधानसभा में राजनीतिक टकराव देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर सरकार ने विकास कार्यों और वित्तीय प्रबंधन को आगे बढ़ाने की अपनी तैयारी भी जारी रखी।
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