National Handloom Day: राष्ट्रीय हैंडलूम डे से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस वीडियो में उन्होंने लोगों से स्वदेशी और हस्तनिर्मित उत्पादों को अपनाने तथा भारतीय बुनकरों का समर्थन करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर भारत के अभियान को और मजबूत बनाएं।

स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में 7 अगस्त 1905 को शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। उन्होंने कहा कि उस समय देशवासियों ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लिया था। इस जनआंदोलन ने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी और देशभर में आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भी उसी सोच और भावना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

हैंडलूम डे को उत्साह के साथ मनाने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय हैंडलूम डे केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश के बुनकरों के सम्मान और उनके योगदान को पहचान देने का अवसर है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस दिन को पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाएं। उनके अनुसार, हथकरघा उद्योग भारत की पारंपरिक कला, संस्कृति और कौशल का प्रतीक है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
भारतीय बुनकरों की कला को दुनिया तक पहुंचाने का आग्रह
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे हथकरघा से बने उत्पाद खरीदें और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग हैंडलूम उत्पादों का उपयोग करते हुए वीडियो बनाएं, तस्वीरें साझा करें और भारतीय बुनकरों की उत्कृष्ट कला एवं मेहनत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करें। उनका कहना था कि डिजिटल माध्यमों के जरिए देश की पारंपरिक कला को नई पहचान दिलाई जा सकती है।
छोटे बुनकर परिवारों को सशक्त बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अनेक छोटे बुनकर परिवार सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और कौशल से उत्कृष्ट कपड़े और हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि लोग स्थानीय स्तर पर बने हैंडलूम उत्पाद खरीदेंगे तो इससे सीधे इन परिवारों की आय बढ़ेगी और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

आत्मनिर्भर भारत से जोड़ा हैंडलूम अभियान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश के छोटे कारीगर, बुनकर और हस्तशिल्प से जुड़े परिवार आर्थिक रूप से सक्षम बनेंगे। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी जरूरतों के अनुसार कम से कम एक हैंडलूम उत्पाद अवश्य खरीदें। इससे न केवल स्थानीय उद्योग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के अंत में सभी नागरिकों से 7 अगस्त को राष्ट्रीय हैंडलूम डे के अवसर पर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और भारतीय बुनकरों का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी की भावना केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि आज भी देश के आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बन सकती है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यदि प्रत्येक नागरिक स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देगा, तो लाखों बुनकर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
Read More : Meta Fine : Instagram और Facebook की पैरेंट कंपनी पर बड़ा एक्शन , Meta को 5000 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश












