JPSC Exam Scam: झारखंड में JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में कथित धांधली का मामला अब आर्थिक जांच के दायरे में पहुंच गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने CID में दर्ज FIR संख्या 16/26 के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ECIR दर्ज की है। ED की एंट्री के बाद मामले में आर्थिक लेन-देन और कथित परीक्षा घोटाले से जुड़े पैसों के स्रोत की भी पड़ताल शुरू होने की संभावना है।

पैसों के लेन-देन और मनी ट्रेल पर नजर
ED अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित परीक्षा धांधली के पीछे किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं। जांच में संदिग्ध रकम के स्रोत, पैसों के लेन-देन से जुड़े लोगों और संभावित मनी ट्रेल को खंगाला जा सकता है। एजेंसी यह भी जांच कर सकती है कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी के लिए पैसे का इस्तेमाल हुआ, तो रकम किन माध्यमों से पहुंचाई गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

रांची पहुंची ED की पांच सदस्यीय टीम
मामले की वित्तीय जांच के लिए ED की रांची यूनिट से पांच सदस्यीय टीम के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। टीम में एक असिस्टेंट डायरेक्टर और चार इंस्पेक्टर शामिल बताए जा रहे हैं। टीम परीक्षा धांधली से जुड़े आर्थिक पहलुओं की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ बैंकिंग रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य वित्तीय जानकारी की पड़ताल भी की जा सकती है।
सरकार के आश्वासन से पहले हुई ED की एंट्री
ED की जांच ऐसे समय में शुरू हुई है, जब एक दिन पहले ही सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई थी। सरकार की ओर से छात्रों को बताया गया था कि परीक्षा धांधली की जांच CID कर रही है। साथ ही यह आश्वासन दिया गया था कि यदि जांच में किसी वित्तीय घोटाले के संकेत मिलते हैं, तो सरकार ED से जांच कराने का अनुरोध करेगी। हालांकि, इस आश्वासन से पहले ही ED ने ECIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
अब तक 19 आरोपी किए जा चुके हैं गिरफ्तार
JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई पहले से जारी है। इस मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पूरे प्रकरण की जांच झारखंड CID कर रही है। अब ED की जांच शुरू होने के बाद मामले का आर्थिक पक्ष भी सामने आ सकता है। इससे कथित धांधली में शामिल नेटवर्क और उसके वित्तीय स्रोतों को लेकर जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है।

तीन दिनों तक चली सरकार और छात्रों की वार्ता
छात्रों के प्रस्तावित आंदोलन को टालने के लिए सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच लगातार तीन दिनों तक मैराथन बातचीत हुई। इस दौरान सरकार ने छात्रों की कई मांगों पर सहमति जताई। हालांकि, सभी मुद्दों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा धांधली की निष्पक्ष जांच, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करना और परीक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दे शामिल रहे।
JSSC CGL परीक्षा को लेकर भी विवाद जारी
JPSC मामले में ED की जांच शुरू होने के बावजूद झारखंड में छात्रों का आंदोलन पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। रांची में JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। इसी मुद्दे को लेकर छात्र संगठनों ने पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है।
विधानसभा घेराव से पहले बढ़ी प्रशासन की चिंता
एक ओर परीक्षा धांधली की जांच CID से आगे बढ़कर ED तक पहुंच गई है, तो दूसरी ओर छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के पक्ष में हैं। ऐसे में विधानसभा घेराव के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। छात्रों की मांगों और सरकार के आश्वासनों के बीच अब ED की वित्तीय जांच इस पूरे प्रकरण का अहम पहलू बन गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ कथित परीक्षा धांधली में पैसों के इस्तेमाल और संभावित मनी ट्रेल से जुड़े नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
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