Nepal Landslide Video : नेपाल एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। पड़ोसी देश पिछले कुछ समय से लगातार बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं से जूझ रहा है। 26 अगस्त को आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 23 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कई अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं।
कुछ सेकंड में पहाड़ का बड़ा हिस्सा नदी में समाया
इस प्राकृतिक आपदा का एक डराने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक विशाल पहाड़ का हिस्सा देखते ही देखते काली गंडकी नदी में समाता नजर आ रहा है। भूस्खलन की यह घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला। पहाड़ का मलबा नदी में गिरने से आसपास के इलाकों में खतरा और बढ़ गया है।
घरों से लेकर पुल और सड़कों तक को नुकसान
भूस्खलन और बाढ़ के कारण नेपाल के कई हिस्सों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई घर प्रभावित हुए हैं, जबकि पुल, सड़कें और बिजली से जुड़ी संरचनाएं भी इसकी चपेट में आई हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण मिट्टी खिसकने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
मौसम तंत्र के कारण लगातार बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
नेपाल में मौजूदा मौसम की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम तंत्र के प्रभाव के कारण देश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। वहीं, ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की भी खबर है। बारिश और बर्फबारी के दोहरे असर से कई इलाकों में भूस्खलन, जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पाल्पा जिले में मकान मलबे में दबा, पांच की मौत
शनिवार रात पाल्पा जिले की माथागढ़ी ग्रामीण नगरपालिका में भूस्खलन की एक गंभीर घटना सामने आई। यहां एक मकान मलबे की चपेट में आ गया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। रविवार सुबह राहत और बचाव दल ने मलबे से सभी शव बरामद किए। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
पांच दिनों में सामने आईं 439 मानसूनी घटनाएं
नेपाल में पिछले पांच दिनों के दौरान मानसून से जुड़ी 439 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी घटनाएं शामिल हैं। लगातार हो रही प्राकृतिक घटनाओं के बीच सुरक्षा बलों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर 1,284 लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब भी कई इलाकों में राहत कार्य जारी रखे हुए हैं।
पिछले महीने की बाढ़ के जख्म अभी भी नहीं भरे
नेपाल अभी पिछले महीने आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के प्रभाव से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है। उस आपदा में 1,450 से अधिक लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा करीब 5,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन बनी हुई है और लापता लोगों की तलाश का अभियान लगातार जारी है।
लगातार आपदाओं से नेपाल के सामने बड़ी चुनौती
लगातार बाढ़, भूस्खलन और खराब मौसम ने नेपाल के सामने राहत एवं पुनर्वास की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक आपदा से उबरने की कोशिशों के बीच दूसरी प्राकृतिक घटना सामने आने से प्रभावित इलाकों में मुश्किलें बढ़ रही हैं। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के कारण राहत सामग्री और बचाव दलों की पहुंच भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
राहत और बचाव अभियान पर टिकी लोगों की उम्मीदें
मौजूदा हालात में नेपाल प्रशासन और सुरक्षा बल प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने तथा जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटे हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे के बीच बचाव अभियान सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्राकृतिक आपदाओं की लगातार मार के बीच नेपाल के लिए आने वाले दिन भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
Read More : UN Report: भारत के स्कूलों में करोड़ों बच्चे शौचालय से वंचित, शिक्षा में स्वच्छता की बड़ी चुनौती