Jharkhand Train Accident: झारखंड के पलामू जिले से मंगलवार को रेलवे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। यहां कोयले से लदी एक मालगाड़ी के 11 डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। यह हादसा गढ़वा रोड और सिगसिगी रेलवे स्टेशनों के बीच हुआ। मालगाड़ी के डिब्बों के पटरी से उतरते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का काम शुरू किया।

गढ़वा रोड-सिगसिगी के बीच हुआ हादसा
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह दुर्घटना ईस्ट सेंट्रल रेलवे के बरकाकाना-सोननगर सेक्शन पर हुई। गढ़वा रोड और सिगसिगी रेलवे स्टेशनों के बीच सबवाना गांव के समीप मालगाड़ी के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही राहत और बहाली का काम शुरू कर दिया गया।

कोयला लेकर बरकाकाना से सोननगर जा रही थी ट्रेन
डाल्टनगंज स्टेशन के ट्रैफिक इंस्पेक्टर अनिल तिवारी के अनुसार, मालगाड़ी बरकाकाना से सोननगर की ओर कोयला लेकर जा रही थी। इसी दौरान गढ़वा रोड और सिगसिगी के बीच इसके 11 डिब्बे पटरी से उतर गए। अचानक हुए इस हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों में भी हलचल बढ़ गई। फिलहाल दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने और परिचालन को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
राहत और बहाली का काम तेजी से जारी
हादसे के बाद रेलवे की राहत और बचाव टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम की ओर से सबसे पहले क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने का काम शुरू किया गया। इसके साथ ही जिस ट्रैक पर डिब्बे उतरे हैं, उसकी स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है। रेलवे कर्मचारी ट्रैक की मरम्मत और आवश्यक तकनीकी कार्य में जुटे हैं, ताकि रेल परिचालन को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।
हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस दुर्घटना में फिलहाल किसी व्यक्ति के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। मालगाड़ी में यात्री सवार नहीं थे, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। अधिकारियों की ओर से घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत और बहाली कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

दुर्घटना के कारणों की शुरू हुई जांच
मालगाड़ी के 11 डिब्बों के एक साथ पटरी से उतरने के कारणों का अभी आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है। रेलवे प्रशासन ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी टीम घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रैक, मालगाड़ी के डिब्बों और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।
रेल परिचालन जल्द बहाल करने की कोशिश
रेलवे के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित ट्रैक को जल्द दुरुस्त करना है। इसके लिए क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने और रेलवे लाइन की मरम्मत का काम साथ-साथ किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का प्रयास है कि बहाली का काम सुरक्षा नियमों के तहत जल्द पूरा किया जाए। इसके बाद इस रेल सेक्शन पर परिचालन को सामान्य किया जा सकेगा।
झारखंड में पहले भी मालगाड़ी डिरेल होने की घटना
झारखंड में मालगाड़ी के डिब्बों के पटरी से उतरने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले बोकारो जिले में भी मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने का मामला सामने आया था। उस घटना में गोमिया के डुमरी बिहार रेलवे स्टेशन के पास MTPS की मालगाड़ी के चार वैगन पटरी से उतर गए थे। हालांकि, वहां भी किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी।
डुमरी बिहार स्टेशन के पास हुआ था हादसा
बोकारो में हुई पिछली घटना डुमरी बिहार रेलवे स्टेशन के समीप यार्ड की लाइन नंबर सात पर हुई थी। उस समय कोयले से लदी मालगाड़ी लोडिंग पॉइंट से कोयला लेकर पश्चिम बंगाल स्थित मेजिया थर्मल पावर स्टेशन यानी MTPS की ओर जा रही थी। इसी दौरान ट्रेन के चार वैगन पटरी से उतर गए। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया था और बहाली का काम शुरू किया गया था।
बड़े हादसे से बचा था बोकारो
बोकारो की घटना में भी राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। मालगाड़ी के वैगन पटरी से उतरने के बावजूद किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं आई थी। रेलवे प्रशासन ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और परिचालन व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। अब पलामू में हुए ताजा हादसे के बाद रेलवे प्रशासन एक बार फिर जांच और ट्रैक बहाली में जुटा है।
जांच रिपोर्ट से सामने आएगी हादसे की असली वजह
पलामू में 11 डिब्बों के पटरी से उतरने की घटना ने रेलवे सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, फिलहाल किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में डिब्बों के डिरेल होने के कारणों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेलवे अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी खराबी, ट्रैक से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण से हुआ। फिलहाल रेलवे की प्राथमिकता ट्रैक को सुरक्षित तरीके से दुरुस्त कर परिचालन बहाल करना है।
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