Ambikapur Nagar Nigam : नगर निगम अंबिकापुर की सामान्य सभा की बैठक मंगलवार को विकास और शहर की समस्याओं पर चर्चा के बजाय आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होते ही कला केंद्र मैदान के आवंटन से जुड़े कथित ऑडियो का मुद्दा उठा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष द्वारा महापौर के थाने में दिए आवेदन पर कार्रवाई का जवाब मांगे जाने के बाद सदन का माहौल इतना गरमा गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। महापौर मंजूषा भगत ने विपक्ष पर महिला होने के कारण दबाव बनाने का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर संख्या बल के आधार पर उसकी आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।

नगर निगम की सामान्य सभा सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी की अध्यक्षता में राजमोहिनी देवी भवन में आयोजित हुई। विपक्ष के बहिष्कार के बाद सत्ता पक्ष ने शेष कार्यवाही पूरी की और प्रस्ताव पारित किए।


कला केंद्र के ऑडियो से गरमाया सदन
बैठक की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कला केंद्र मैदान के आवंटन से जुड़े प्रसारित ऑडियो के मामले में महापौर मंजूषा भगत द्वारा आजाक थाने में दिए गए आवेदन पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि कला केंद्र नगर निगम की संपत्ति है और मामले से शहर की जनता सीधे जुड़ी है, इसलिए पुलिस कार्रवाई की स्थिति सदन के सामने स्पष्ट होनी चाहिए।
शफी अहमद ने सुझाव दिया कि यदि पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है तो सामान्य सभा से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पुलिस अधीक्षक को भेजा जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

एजेंडे में विषय नहीं होने पर सत्ता पक्ष ने जताई आपत्ति
विपक्ष के सवाल पर सत्ता पक्ष के पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विषय बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं है। प्रश्नकाल की निर्धारित अवधि में इस विषय पर चर्चा नहीं की जा सकती। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
महापौर बोलीं- महिला समझकर डराने की कोशिश न करें
हंगामे के बीच महापौर मंजूषा भगत ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महिला होने का फायदा उठाकर उन्हें दबाने और डराने का प्रयास किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि वह चुप बैठने वाली नहीं हैं और शहर के विकास के लिए काम कर रही हैं।
उन्होंने अपने 15 माह के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर व्यक्तिगत आरोप लगाने की राजनीति करने का आरोप लगाया। इसी दौरान महापौर ने विपक्ष से जुड़े कुछ पार्षदों पर राशन चोरी के मामले में जेल जाने और भू-माफियाओं से संबंध होने जैसे आरोप लगाए, जिसके बाद सदन का माहौल और गरमा गया।
आधे घंटे के स्थगन के बाद फिर हुआ हंगामा
स्थिति बिगड़ती देख सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने महापौर द्वारा लगाए गए आरोपों पर जवाब देने की मांग की। सत्ता पक्ष के पार्षद भी अपनी बात रखने लगे और फिर हंगामा शुरू हो गया।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि संख्या बल के आधार पर उसकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने सामान्य सभा का बहिष्कार कर सदन से बाहर निकलने की घोषणा कर दी।
सत्ता पक्ष ने विपक्ष को वापस बुलाने की कोशिश की
विपक्षी पार्षदों के सदन से बाहर जाने के बाद सत्ता पक्ष के वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे और एमआईसी सदस्य मनीष सिंह ने विपक्ष को वापस सदन में बुलाने का प्रयास किया। दोनों नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष से कार्यवाही में शामिल होने का आग्रह किया, लेकिन विपक्षी पार्षद वापस नहीं लौटे।
शफी अहमद ने कहा कि विपक्ष शहर के विकास और जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष के साथ था और आगे भी रहेगा, लेकिन सदन में जिस तरह का माहौल बना, उसमें कार्यवाही में शामिल होना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसका ध्यान सत्ता पक्ष को रखना चाहिए।
सड़क, पानी और सफाई के मुद्दों को लेकर विपक्ष ने घेरा
नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने आरोप लगाया कि सामान्य सभा के एजेंडे में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी गई। उन्होंने शहर की खराब सड़कों, स्ट्रीट लाइट की समस्या, सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े और कर्मचारियों के वेतन में देरी का मुद्दा उठाया।
उन्होंने जल आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि तकिया फिल्टर प्लांट से निर्धारित 1.75 करोड़ लीटर के बजाय करीब 1.10 करोड़ लीटर और कतकालो फिल्टर प्लांट से 1.80 करोड़ लीटर के बजाय लगभग 1.20 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कर्मचारियों की कमी और जल शुद्धिकरण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
शफी अहमद ने कहा कि इन ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय ऐसे विषय एजेंडे में रखे जा रहे हैं, जो तत्काल प्राथमिकता के नहीं हैं।
महापौर बोलीं- मेरी क्षमता को कम आंकने की कोशिश न करे विपक्ष
विपक्ष के आरोपों पर महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि सामान्य सभा शहर के विकास और निर्माण कार्यों पर चर्चा के लिए होती है, लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्ष व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप पर उतर आता है। उन्होंने कहा कि वह शहर के विकास के लिए आई हैं और व्यक्तिगत राजनीति के लिए नहीं।
महापौर ने विपक्ष को अपनी क्षमता कम नहीं आंकने की नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष को अपने पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल को भी याद करना चाहिए। उन्होंने अपने 15 माह के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी 48 वार्डों के विकास के लिए काम कर रही हैं।
विपक्ष की गैरमौजूदगी में पारित हुए प्रस्ताव
कांग्रेस पार्षदों के बहिष्कार के बाद सत्ता पक्ष ने सामान्य सभा की शेष कार्यवाही पूरी की। सभापति की अध्यक्षता में बैठक में रखे गए प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक की शुरुआत में मनोनीत पार्षदों का स्वागत किया गया। महिला एवं बाल विकास तथा खाद्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में विभागों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। वहीं सरगुजा के नवपदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी भी सामान्य सभा में पहुंचे। सदन की ओर से उनका स्वागत किया गया। एएसपी ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।












