BSF Jawan Death : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से दुखद खबर सामने आई है। बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत कपाटबाहरी निवासी सीमा सुरक्षा बल यानी BSF के जवान कमलेश केरकेट्टा की असम में ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 36 वर्षीय कमलेश BSF की 66वीं बटालियन में पदस्थ थे। जवान का शव कैंप से लापता होने के बाद बरामद किया गया। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को गृहग्राम लाया गया, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

वर्ष 2012-13 से BSF में दे रहे थे सेवाएं
जानकारी के मुताबिक, कमलेश केरकेट्टा वर्ष 2012-13 से सीमा सुरक्षा बल की 66वीं बटालियन में सेवाएं दे रहे थे। लंबे समय से वह देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। वर्तमान में उनकी तैनाती असम के धुबरी जिले के क्रिस्तापाड़ा क्षेत्र में बताई गई है। ड्यूटी के दौरान जवान की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार और गांव में शोक की स्थिति पैदा हो गई।

गुरुवार रात कैंप से लापता हुए थे जवान
बताया गया कि गुरुवार रात करीब 12 बजे कमलेश केरकेट्टा के कंपनी कैंप से लापता होने की जानकारी सामने आई। जवान के निर्धारित स्थान पर नहीं मिलने के बाद उनकी तलाश शुरू की गई। कैंप के आसपास और संभावित स्थानों पर खोज अभियान चलाया गया। काफी प्रयास के बावजूद तत्काल जवान का पता नहीं चल सका। इसके बाद उनकी तलाश को और व्यापक किया गया।
पत्नी को कंपनी कमांडर ने दी सूचना
जवान के कैंप से लापता होने की जानकारी मिलने के बाद कंपनी कमांडर ने उनकी पत्नी ममता केरकेट्टा को फोन के माध्यम से घटना की जानकारी दी। परिवार को सूचना मिलने के बाद चिंता बढ़ गई। परिजन जवान की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे थे। इस बीच BSF की ओर से भी कमलेश की तलाश लगातार जारी रखी गई। जवान के अचानक लापता होने से साथी जवानों और अधिकारियों में भी चिंता का माहौल था।
तलाश के दौरान बरामद हुआ शव
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात तक जब कमलेश केरकेट्टा कैंप में वापस नहीं लौटे तो उनकी तलाश और तेज कर दी गई। इसी दौरान शनिवार रात करीब एक बजे जवान का शव बरामद किए जाने की सूचना सामने आई। शव मिलने के बाद घटना की जानकारी परिवार को दी गई। जवान की मौत की खबर सुनते ही उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में मातम छा गया।

मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं
कमलेश केरकेट्टा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। घटना को संदिग्ध परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन मौत के कारण को लेकर अभी किसी आधिकारिक निष्कर्ष की जानकारी नहीं दी गई है। परिवार के सदस्यों को भी घटना की परिस्थितियों के संबंध में पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है। ऐसे में मौत की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मंगलवार को गृहग्राम पहुंचा पार्थिव शरीर
मंगलवार को कमलेश केरकेट्टा का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम कपाटबाहरी लाया गया। जैसे ही जवान का शव गांव पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र हो गए। पूरे गांव में शोक का माहौल था। अपने बीच के जवान को खोने का दुख ग्रामीणों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था। परिवार के सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।
BSF ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
गृहग्राम में BSF के अधिकारियों और जवानों की मौजूदगी में कमलेश केरकेट्टा को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जवान के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान BSF के जवानों और अधिकारियों ने अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अंतिम संस्कार में उमड़ा ग्रामीणों का हुजूम
कमलेश केरकेट्टा के अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, स्वजन और आसपास के लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने नम आंखों से जवान को अंतिम विदाई दी। लोगों ने उनके देश के प्रति योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के इस कठिन समय में गांव के लोगों ने उनके साथ खड़े होकर संवेदना व्यक्त की और परिजनों को ढांढस बंधाया।
बतौली क्षेत्र में शोक की लहर
असम में ड्यूटी के दौरान कमलेश केरकेट्टा की मौत की खबर फैलने के बाद पूरे बतौली क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि कमलेश ने देश की सुरक्षा के लिए वर्षों तक सेवा दी और उनका असमय निधन पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। स्थानीय लोगों ने जवान को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल कमलेश केरकेट्टा की मौत से जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। कैंप से उनके लापता होने और बाद में शव बरामद होने की परिस्थितियों को लेकर जांच महत्वपूर्ण होगी। मौत का कारण और घटना का पूरा क्रम आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिवार और ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि जांच के जरिए घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी और पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट होगी।
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