Dhirendra Shastri on Gen-Z : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला इन दिनों चर्चा में है। इसी मुद्दे को लेकर बाबा बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से सवाल किया गया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलने पर दुख और नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे के साथ किसी भी तरह की चोरी बेहद गंभीर और निंदनीय है। उन्होंने भरोसा जताया कि मामले की जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को उनके कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ेगा।
‘चढ़ावा चोरी सबसे बड़ा कलंक’
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह भगवान राम के परम भक्त हनुमान के भक्त हैं और इसलिए राम मंदिर से जुड़े किसी भी विषय से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। उनके मुताबिक, जब उन्हें मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी चोरी की जानकारी मिली तो उन्हें काफी आघात लगा। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि श्रद्धालु भगवान के प्रति अपनी आस्था और विश्वास के साथ चढ़ावा अर्पित करते हैं, इसलिए उसकी चोरी केवल संपत्ति का मामला नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा विषय भी है।
दोषियों को भगवान सजा देंगे
बाबा बागेश्वर ने कहा कि मंदिर में चढ़ाए गए धन या सामग्री पर गलत तरीके से हाथ डालना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भगवान सब कुछ देखते हैं और गलत काम करने वालों को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। उन्होंने चढ़ावा चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे लोगों का अंत अच्छा नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जांच चल रही है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
राम के आदर्शों से जोड़कर बताया मामला
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान राम का जीवन मर्यादा, सत्य और आदर्शों का प्रतीक है। ऐसे में राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी होना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ाया गया धन या सामान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है। इसलिए उसकी सुरक्षा और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
Gen-Z को लेकर भी बोले धीरेंद्र शास्त्री
कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने आज की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह ऐसी पीढ़ी है जो बहुत कुछ समझती है और तेजी से आगे बढ़ना चाहती है। युवाओं के काम करने का तरीका पहले की पीढ़ियों से अलग है। उन्होंने कहा कि युवाओं में अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाने का जोश भी दिखाई देता है। उनके मुताबिक भारत युवाओं का देश है और युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।
‘तेज गति के साथ सही दिशा जरूरी’
धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि तेजी से आगे बढ़ना अच्छी बात है, लेकिन यह जानना भी जरूरी है कि जाना किस दिशा में है। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा और गति के साथ आगे बढ़ें, लेकिन सही दिशा का ज्ञान भी उनके पास होना चाहिए। उन्होंने खुद को भी भावनात्मक रूप से Gen-Z के करीब बताते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और सोच में बदलाव को समझना जरूरी है।
नए विचार रखें, संस्कार न भूलें
Gen-Z की भाषा और सोच को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि भले ही वह युवाओं की हर भाषा या शब्दावली को पूरी तरह न समझते हों, लेकिन उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि विचार आधुनिक होने चाहिए, लेकिन संस्कार पुराने और मजबूत बने रहने चाहिए। उनके अनुसार आधुनिकता अपनाते समय अपनी संस्कृति और मूल्यों को भूलना उचित नहीं है।
बदलते समय के साथ संतुलन जरूरी
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बदलते समय के साथ बदलाव जरूरी है, लेकिन ऐसा परिवर्तन नहीं होना चाहिए जिसका देश और समाज पर नकारात्मक असर पड़े। उन्होंने युवाओं से अपनी आधुनिक सोच और परंपरागत संस्कारों के बीच संतुलन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी क्षमता का इस्तेमाल देश और समाज के हित में करना चाहिए।
प्रदर्शन के अधिकार पर भी रखी राय
जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों को लेकर पूछे गए सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। किसी नीति या व्यक्ति का विरोध करते समय राष्ट्रीय प्रतीकों और देश के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।
युवाओं को देशहित में आगे बढ़ने की सलाह
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में बहुत क्षमता और ऊर्जा है। जरूरत इस बात की है कि इस ऊर्जा को सही दिशा मिले। उन्होंने युवाओं से आधुनिक विचारों के साथ अपने संस्कार, संस्कृति और देश के प्रति जिम्मेदारी को भी याद रखने की अपील की। राम मंदिर चढ़ावा मामले पर उनकी नाराजगी और Gen-Z को लेकर दिए संदेश, दोनों ने इस दौरान लोगों का ध्यान खींचा।
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