UP Rajya Sabha Election 2026 : उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाले नेताओं को मौका दिया है। घोषित सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम शामिल हैं।
धर्मपाल सिंह और राधाकांत ओझा को टिकट
बीजेपी की सूची में धर्मपाल सिंह और राधाकांत ओझा प्रमुख नामों में शामिल हैं। दोनों को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के साथ पार्टी ने अपने संगठन और राजनीतिक अनुभव वाले चेहरों को प्रतिनिधित्व देने का संकेत दिया है। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब सभी की नजरें नामांकन प्रक्रिया और आगामी चुनावी गतिविधियों पर टिकी हैं।
प्रकाश पाल और विद्यासागर सोनकर भी मैदान में
पार्टी ने प्रकाश पाल और विद्यासागर सोनकर को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। प्रकाश पाल का नाम पिछले दिनों यूपी बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों की चर्चाओं में शामिल रहा था। वहीं विद्यासागर सोनकर भी पार्टी के संगठनात्मक और राजनीतिक दायरे में सक्रिय रहे हैं। इन नामों के जरिए बीजेपी ने राज्य के अलग-अलग सामाजिक समूहों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।
गोपी कृष्ण पाण्डेय और प्रियंका सिंह रावत को मौका
बीजेपी ने गोपी कृष्ण पाण्डेय और प्रियंका सिंह रावत को भी राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट दिया है। प्रियंका सिंह रावत के नाम के साथ पार्टी की सूची में महिला प्रतिनिधित्व भी दिखाई देता है। राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों का चयन करते समय पार्टी ने संगठनात्मक भूमिका के साथ सामाजिक प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखा है। उम्मीदवारों की घोषणा को आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार भी उम्मीदवार
आठ उम्मीदवारों की सूची में राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम भी शामिल हैं। इन दोनों चेहरों को मौका देकर पार्टी ने अपनी सूची में क्षेत्रीय और सामाजिक विविधता बनाए रखने की कोशिश की है। अब इन उम्मीदवारों के नामांकन के बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है।
सामाजिक समीकरणों पर भी पार्टी का फोकस
बीजेपी की उम्मीदवार सूची में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति दिखाई देती है। पार्टी के इस चयन को उत्तर प्रदेश में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर बीजेपी में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर चर्चा की खबरें सामने आई थीं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम फैसला
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा उम्मीदवारों का चयन बीजेपी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या होने के कारण आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की स्थिति बताई गई है। चुनाव में कुल 10 सीटों पर फैसला होना है, जबकि समाजवादी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं।
नामांकन के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में नामांकन, जांच और नाम वापसी के बाद अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होना है। बीजेपी की ओर से आठ उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब राजनीतिक दलों की रणनीति और उम्मीदवारों के नामांकन पर नजर रहेगी। चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ मुकाबले की स्थिति भी अधिक स्पष्ट होगी।
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