Surajpur Hostel Protest : सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र के भुवनेश्वरपुर स्थित प्री-मैट्रिक छात्रावास में छात्राओं ने व्यवस्थाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षिका अनुपा लकड़ा को हटाने की मांग करते हुए सड़क पर बैठकर आंदोलन शुरू कर दिया। छात्राओं का आरोप था कि हॉस्टल में उन्हें रोजमर्रा की जरूरत की जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। समस्याओं के समाधान के लिए कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर छात्राओं ने विरोध का रास्ता अपनाया।
खाने से लेकर साबुन-सर्फ तक को लेकर छात्राओं की शिकायत
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने छात्रावास की व्यवस्थाओं पर कई सवाल उठाए। उनका कहना था कि उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता। इसके अलावा कपड़े धोने और स्नान करने के लिए पर्याप्त मात्रा में सर्फ और साबुन भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। छात्राओं के मुताबिक, जरूरी सामान की कमी के कारण उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से छात्रावास की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की।
अधीक्षिका अनुपा लकड़ा को हटाने पर अड़ीं छात्राएं
छात्राओं ने विशेष रूप से छात्रावास अधीक्षिका अनुपा लकड़ा को हटाने की मांग रखी। उनका कहना था कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। छात्राओं के मुताबिक, जब शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि केवल आश्वासन से उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
शिक्षक के मूल पद पर भी उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, छात्रावास अधीक्षिका अनुपा लकड़ा का मूल पद शिक्षक का है। वह ओड़गी विकासखंड के मिडिल स्कूल उमझल में शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। वर्तमान में उन्हें भुवनेश्वरपुर स्थित प्री-मैट्रिक छात्रावास की अधीक्षिका की जिम्मेदारी सौंपी गई है। छात्राओं के आंदोलन के बीच उनकी वर्तमान जिम्मेदारी और मूल पदस्थापना को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
पहले भी वापस भेजने की मांग का दावा
बताया जा रहा है कि ओड़गी जनपद की उपाध्यक्ष सुधा देवी तिवारी ने अधीक्षिका को उनके मूल पदस्थापन स्थल पर वापस भेजने के संबंध में पहले भी कई बार पत्र लिखा था। हालांकि, इन पत्रों के बावजूद इस मामले में कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। छात्राओं के विरोध के बाद अब यह मुद्दा एक बार फिर प्रशासन के सामने आया है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रशासन
छात्राओं के सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। रामानुजनगर थाना प्रभारी विराट वीसी, तहसीलदार मनहरण सिंह राठिया समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें समझाने और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने छात्राओं को दिया कार्रवाई का भरोसा
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने छात्राओं को उनकी शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रशासन की ओर से छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं और अधीक्षिका से जुड़ी शिकायतों को लेकर स्थिति समझने की कोशिश की गई। छात्राओं ने अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं और अधीक्षिका को हटाने के फैसले पर जोर दिया। काफी बातचीत के बाद मामले में समाधान का रास्ता निकला।
सहायक संचालक ने दिया अधीक्षिका हटाने का आश्वासन
मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक संचालक ने भी छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि शाम तक छात्रावास अधीक्षिका अनुपा लकड़ा को हटा दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद छात्राओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। इसके साथ ही सड़क पर चल रहा विरोध प्रदर्शन खत्म हो गया और स्थिति सामान्य हुई।
छात्राओं ने व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार की मांग की
आंदोलन खत्म करने के बाद छात्राओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल अधीक्षिका को हटाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने छात्रावास की मूलभूत व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। छात्राओं का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से मेन्यू के अनुसार भोजन, पर्याप्त साबुन-सर्फ और अन्य जरूरी सामान मिलना चाहिए। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा सामने नहीं आनी चाहिए।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर
भुवनेश्वरपुर प्री-मैट्रिक छात्रावास में छात्राओं के विरोध के बाद प्रशासन के सामने अब व्यवस्थाओं में सुधार और दिए गए आश्वासन को लागू करने की चुनौती है। छात्राओं ने फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया है, लेकिन उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अधीक्षिका को हटाने के आश्वासन पर प्रशासन कितनी जल्दी अमल करता है और छात्रावास में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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