NDRF High Alert : नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद भारत सरकार ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल से आने वाली नदियों के संभावित प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर सीमावर्ती इलाकों की स्थिति की जानकारी ली। दोनों राज्यों के प्रशासन को संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अमित शाह ने नेपाल त्रासदी पर जताया दुख
गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर दुख जताया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। केंद्र की ओर से राहत और बचाव गतिविधियों पर नजर रखने के साथ भारत में संभावित असर को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को सतर्क किया गया है।
बिहार और यूपी के मुख्यमंत्रियों से हुई बातचीत
नेपाल में बाढ़ के बाद संभावित जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की। बातचीत के दौरान नेपाल से आने वाली नदियों के आसपास स्थित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने पर जोर दिया गया। सीमावर्ती जिलों में स्थानीय प्रशासन, राहत दल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF को तैयार रखा गया है।
गंडक नदी के निचले इलाकों पर विशेष निगरानी
नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट और सलाह के अनुसार नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक बाढ़ या ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF जैसी स्थिति के कारण त्रिशूली नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। यह क्षेत्र भारतीय सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर बताया गया है। ऐसे में नेपाल में जलस्तर में होने वाला बदलाव भारत की ओर आने वाली नदियों को प्रभावित कर सकता है।
सीमावर्ती गांवों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क
संभावित खतरे को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश सरकारों ने सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। प्रशासन को नदी के जलस्तर, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।
कई केंद्रीय मंत्रालय मिलकर कर रहे स्थिति की निगरानी
नेपाल में बाढ़ की स्थिति और उसके भारत पर संभावित प्रभाव का आकलन कई केंद्रीय मंत्रालय मिलकर कर रहे हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारी विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। संबंधित एजेंसियों से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
नेपाल की ओर जलस्तर में कमी के संकेत
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नेपाल की ओर कुछ जलाशयों में जलस्तर कम होने के संकेत मिले हैं। फिलहाल भारत में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और तत्काल घबराने जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि नदियों के जलस्तर में बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
नेपाल में भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर
इस बीच बाढ़ प्रभावित नेपाल में कुछ भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित भारतीय नागरिकों का पता लगाने और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए विदेश मंत्रालय तथा काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास सक्रिय हैं। भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिक किसी भी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। दूतावास की ओर से सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। उपलब्ध नंबर हैं +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500। प्रभावित भारतीयों और उनके परिजनों से अपील की गई है कि किसी भी जरूरी सहायता के लिए इन माध्यमों का इस्तेमाल करें।
फिलहाल राहत, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता जरूरी
केंद्र सरकार के मुताबिक नेपाल में जलस्तर कम होने के संकेत राहत देने वाले हैं, लेकिन स्थिति पर निगरानी अभी जारी रहेगी। बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में NDRF तथा स्थानीय राहत-बचाव टीमों को तैयार रखा गया है। प्रशासन को किसी भी संभावित बदलाव पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश हैं। फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वालों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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