Tamil Nadu Politics : तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन के नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस ने बड़ा दावा किया है। तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता थराहाई कथबर्ट ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गठबंधन की ओर से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुना है। उनके मुताबिक, विजय इसी राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और गठबंधन की रणनीति भी इसी सोच के आधार पर तैयार की जा रही है।
विजय के रुख को लेकर कथबर्ट का बयान
पत्रकारों से बातचीत में कथबर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय की ओर से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को गठबंधन के संभावित प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है। कथबर्ट के बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन के भविष्य और नेतृत्व को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
टीवीके के साथ गठबंधन, लेकिन कांग्रेस स्वतंत्र
कांग्रेस विधायक दल की नेता ने स्पष्ट किया कि गठबंधन में शामिल होने के बावजूद कांग्रेस अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए हुए है। कांग्रेस मंत्री विश्वनाथन की हालिया सार्वजनिक टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस किसी अन्य दल के अधीन रहकर राजनीति नहीं करती।
कांग्रेस के अपने राजनीतिक फैसले
कथबर्ट के अनुसार, कांग्रेस और टीवीके के बीच गठबंधन जरूर है, लेकिन दोनों दलों की अपनी-अपनी राजनीतिक पहचान और निर्णय लेने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक और स्वतंत्र संगठन के रूप में काम करती है। ऐसे में गठबंधन के बावजूद पार्टी अपने संगठनात्मक और राजनीतिक फैसले स्वतंत्र रूप से लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहुल गांधी के खिलाफ FIR पर BJP को घेरा
उत्तराखंड के हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ हाल में दर्ज हुई प्राथमिकी को लेकर भी थराहाई कथबर्ट ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने इसे राजनीतिक चिंता से जोड़ते हुए दावा किया कि राहुल गांधी को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन से भारतीय जनता पार्टी परेशान है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता विपक्षी दलों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गई है।
2029 में राहुल गांधी के PM बनने का दावा
कथबर्ट ने आगे दावा किया कि राहुल गांधी वर्ष 2029 में प्रधानमंत्री पद हासिल करेंगे। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी गठबंधन की भविष्य की रणनीति और प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, 2029 के लोकसभा चुनाव अभी दूर हैं और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर अंतिम राजनीतिक तस्वीर चुनावी परिस्थितियों के आधार पर स्पष्ट होगी।
विधानसभा में सीट बदलने पर सफाई
तमिलनाडु विधानसभा में अपनी सीट बदले जाने को लेकर उठे सवालों पर भी कांग्रेस नेता ने स्पष्टीकरण दिया। कथबर्ट ने कहा कि उनकी सीट में बदलाव किसी राजनीतिक रणनीति या अंदरूनी खींचतान का परिणाम नहीं है। यह विधानसभा में पद और जिम्मेदारी के अनुसार सीट आवंटन की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
13 अगस्त को मिली थी CLP नेता की जिम्मेदारी
कथबर्ट ने बताया कि उन्हें 13 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने फ्लोर लीडर की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कहा कि इसी नई जिम्मेदारी के चलते विधानसभा में उनकी सीट को आगे की पंक्ति में स्थानांतरित किया गया।
फ्रंट रो में विपक्षी नेताओं को मिलती है जगह
कांग्रेस नेता के मुताबिक, विधानसभा में आगे की पंक्ति यानी फ्रंट रो की सीट आम तौर पर विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को आवंटित की जाती है। कांग्रेस विधायक दल की नेता नियुक्त होने के बाद उन्हें भी इसी प्रक्रिया के तहत फ्रंट रो में सीट दी गई। इसलिए सीट बदलने को किसी राजनीतिक विवाद या रणनीति से जोड़ना उचित नहीं है।
गठबंधन की राजनीति पर बढ़ी नजर
राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुने जाने के कथित दावे के बाद तमिलनाडु की गठबंधन राजनीति पर निगाहें टिक गई हैं। कांग्रेस और टीवीके के बीच तालमेल, नेतृत्व की भूमिका और आगामी चुनावों की रणनीति आने वाले समय में महत्वपूर्ण मुद्दे बन सकते हैं। फिलहाल कथबर्ट के बयान ने गठबंधन के संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।
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