Trump Putin Xi Meeting: चीन में आयोजित होने वाले आगामी एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग यानी APEC शिखर सम्मेलन को लेकर वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आमने-सामने मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। यदि दोनों नेताओं की बैठक होती है, तो रूस-अमेरिका संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से इसे काफी अहम माना जाएगा।
क्रेमलिन ने द्विपक्षीय बैठक के दिए संकेत
रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा है कि अगर उपयुक्त अवसर मिलता है तो पुतिन और ट्रंप के बीच अलग से द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की जा सकती है। हालांकि, अभी इस बैठक को लेकर अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधी बातचीत लंबे समय से चल रही वैश्विक कूटनीतिक गतिविधियों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रूस-चीन-अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय बैठक की चर्चा
इसी बीच रूस के विदेश उपमंत्री सर्गेई रयाबकोव ने एक और बड़ी संभावना का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि रूस, चीन और अमेरिका के शीर्ष नेताओं यानी व्लादिमीर पुतिन, शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच त्रिपक्षीय बैठक की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी बैठक की तैयारियां अभी शुरुआती चरण तक भी नहीं पहुंची हैं।
तीन महाशक्तियों का एक मंच पर आना होगा अहम
अगर पुतिन, शी जिनपिंग और ट्रंप एक ही मंच पर बैठक करते हैं, तो यह वैश्विक राजनीति की बेहद महत्वपूर्ण घटना हो सकती है। रूस, चीन और अमेरिका दुनिया की प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक शक्तियों में शामिल हैं। ऐसे में तीनों देशों के शीर्ष नेताओं की सीधी बातचीत से वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, युद्ध और रणनीतिक संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
रूस और अमेरिका के बीच बैकचैनल बातचीत तेज
पिछले कुछ समय से रूस और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक संपर्क भी बढ़े हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर से मुलाकात की है। इन बैठकों को दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पुतिन-ट्रंप संपर्क में बढ़ता भरोसा
दिमित्री पेसकोव के अनुसार, रूस और अमेरिका के बीच इस तरह की उच्चस्तरीय मुलाकातें यह संकेत देती हैं कि दोनों पक्षों के बीच संवाद का चैनल लगातार सक्रिय है। कूटनीतिक स्तर पर जारी संपर्क से दोनों देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास बढ़ाने की कोशिशों का संकेत मिलता है। हालांकि, इन प्रयासों का वास्तविक असर आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
यूक्रेन युद्ध पर भी पड़ सकता है असर
रूस और अमेरिका के बीच बढ़ती कूटनीतिक गतिविधियों का संबंध यूक्रेन युद्ध से भी जोड़ा जा रहा है। युद्ध को समाप्त करने के लिए अलग-अलग स्तरों पर बातचीत और संपर्क जारी रहने के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी संकेत दिए हैं कि कीव रूसी शहरों पर अपने हवाई हमलों को अस्थायी रूप से रोकने पर विचार कर सकता है।
चीन में बन सकता है बड़ा कूटनीतिक मंच
APEC सम्मेलन यदि पुतिन और ट्रंप की मुलाकात का मंच बनता है और इसमें शी जिनपिंग के साथ संभावित त्रिपक्षीय वार्ता भी होती है, तो इसका असर केवल तीन देशों के संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा। ऐसी बैठक वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण संदेश दे सकती है। हालांकि, फिलहाल त्रिपक्षीय बैठक की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दुनिया की नजर APEC सम्मेलन पर
आगामी APEC सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण बन गया है क्योंकि इसके दौरान रूस और अमेरिका के बीच संभावित बातचीत तथा रूस-चीन-अमेरिका त्रिपक्षीय बैठक की चर्चा सामने आई है। यदि शीर्ष नेताओं के बीच आमने-सामने संवाद होता है, तो यूक्रेन युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर कूटनीतिक रास्ते तलाशने की नई उम्मीद पैदा हो सकती है।
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