Israel Lebanon Attack : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में तड़के कई हवाई हमले किए। इन हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत होने की खबर है। मृतकों में दो बच्चे और दो मेडिकल कर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पांच अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष रोकने के लिए युद्धविराम लागू है।
कफर रुम्मान में आवासीय इमारत को बनाया निशाना
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात इजरायली सेना ने कफर रुम्मान में एक आवासीय इमारत पर एयरस्ट्राइक की। इस हमले में नौ लोगों की जान चली गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। हमले में पांच अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव से जुड़ी गतिविधियां शुरू की गईं और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
ड्रोन हमले में दो मेडिकल कर्मियों की मौत
आवासीय इमारत पर हमले के कुछ समय बाद शहर में एक नागरिक वाहन को भी इजरायली ड्रोन ने निशाना बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वाहन में दो मेडिकल कर्मी मौजूद थे, जिनकी हमले में मौत हो गई। लगातार हुई इन घटनाओं ने दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर इन हमलों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, खासकर नागरिकों और चिकित्सा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर।
हमलों से पहले नहीं जारी किया गया अलर्ट
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हमलों से पहले इजरायली सेना की ओर से कोई चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया था। अभी यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि इजरायली सेना को हमले वाली जगहों पर बच्चों और मेडिकल कर्मियों की मौजूदगी की जानकारी थी या नहीं। इजरायली सेना की ओर से इस संबंध में तत्काल विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। मामले की परिस्थितियों को लेकर आगे जांच की जा रही है।
युद्धविराम की स्थिरता पर फिर उठे सवाल
दक्षिणी लेबनान में लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई ने जून में लागू हुए युद्धविराम की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युद्धविराम के बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसा में पहले की तुलना में कमी आई है, लेकिन इजरायली हमले पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियां संघर्ष को दोबारा व्यापक रूप देने की आशंका बढ़ा रही हैं।
एक दिन पहले भी सात लोगों की हुई थी मौत
दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमले का यह सिलसिला नया नहीं है। इससे एक दिन पहले रविवार को भी क्षेत्र में हुए इजरायली हमलों में कम से कम सात लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। लगातार दो दिनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत ने लेबनान में चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायली हमलों को खतरनाक उकसावे के तौर पर बताया था।
राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अमेरिका से मांगा हस्तक्षेप
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि इजरायली सैन्य कार्रवाई अब देश की सरकारी संस्थाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक भी पहुंच रही है। उन्होंने अमेरिका से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। लेबनानी नेतृत्व का कहना है कि लगातार हमलों के बीच युद्धविराम को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। दूसरी ओर, इजरायल अपने सैन्य अभियानों को सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई के रूप में देखता है।
इजरायल का हिजबुल्लाह पर ड्रोन हमले का आरोप
इजरायल ने दावा किया है कि ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में एक रणनीतिक पहाड़ी के पास उसके सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया था। इजरायल ने इस कथित ड्रोन हमले को युद्धविराम का खुला उल्लंघन बताया है। हालांकि, इजरायली सेना ने अपने सैनिकों के किसी हताहत होने की जानकारी नहीं दी है। हिजबुल्लाह ने हाल के हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है और इजरायल के आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई।
युद्धविराम के बावजूद सैन्य अभियान जारी
इजरायल दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों में अपनी सैन्य मौजूदगी और अभियान जारी रखे हुए है। उसका कहना है कि ये इलाके उसकी सुरक्षा के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। वहीं, लेबनान की ओर से इन अभियानों में गांवों को नुकसान पहुंचने और हवाई हमले जारी रहने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इस स्थिति ने युद्धविराम के भविष्य को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
संघर्ष में हजारों लोगों की जा चुकी जान
दक्षिणी लेबनान में लंबे समय से जारी हिंसा का मानवीय असर बेहद गंभीर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च को हिजबुल्लाह की ओर से इजरायल पर रॉकेट दागे जाने के बाद इजरायली हमलों में लेबनान में 4,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में ताजा हमलों के बाद एक बार फिर क्षेत्र में स्थायी शांति और युद्धविराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है।
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