Swatantra Bharadwaj Case: स्वतंत्रता भारद्वाज मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने अदालत से स्वतंत्रता भारद्वाज की न्यायिक हिरासत को आगे बढ़ाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था से जुड़ी संभावित स्थिति का हवाला देते हुए यह व्यवस्था अपनाने की जानकारी दी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि स्वतंत्रता भारद्वाज को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में लाने पर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। इसी वजह से आरोपी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया। अदालत ने पुलिस की मांग पर विचार करने के बाद आरोपी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
प्रदर्शन के बाद पुलिस ने किया था गिरफ्तार
स्वतंत्रता भारद्वाज को शुक्रवार, 4 सितंबर को प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा था। उसकी गिरफ्तारी उस समय हुई, जब एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस क्लिप को लेकर पुलिस का आरोप है कि उसमें स्वतंत्रता भारद्वाज ने एक छात्रा के पिता पर हमला करने की बात कथित तौर पर स्वीकार की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी और आरोपी को हिरासत में लिया।
पॉडकास्ट क्लिप से सामने आया कथित कबूलनामा
पुलिस की कार्रवाई में वायरल पॉडकास्ट क्लिप को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। आरोप है कि बातचीत के दौरान स्वतंत्रता भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर हुई घटना में छात्रा के पिता के साथ मारपीट करने की बात कही थी। हालांकि, मामले में आरोपों और कथित कबूलनामे की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी है। अदालत के समक्ष पुलिस ने अपनी जांच से जुड़े तथ्यों को रखा और आगे की हिरासत की मांग की।
23 जून को जंतर-मंतर पर हुआ था विवाद
यह पूरा मामला 23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ प्रदर्शन में पहुंचे थे। बताया गया कि शाम करीब 5:30 बजे शिकायतकर्ता अपने मोबाइल फोन से प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान उनकी एक युवक के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद कथित मारपीट में बदल गया।
दो से तीन युवकों पर मारपीट का आरोप
शिकायत के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद दो से तीन युवकों ने शिकायतकर्ता को घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने उनके साथ मारपीट की और घूंसे मारे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि हमलावरों में से किसी ने लोहे के कड़े जैसी ठोस वस्तु से उनके सिर पर भी हमला किया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
RML अस्पताल में कराया गया इलाज
हमले में घायल शिकायतकर्ता को उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल जांच के दौरान उनके सिर पर दो कटे हुए घाव पाए गए। मेडिकल रिपोर्ट को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस अब घटना के दौरान मौजूद लोगों, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
जांच के बीच आरोपी की हिरासत बढ़ी
फिलहाल स्वतंत्रता भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस मामले से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है और कथित हमले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने लाने की कोशिश कर सकती है। अदालत के ताजा आदेश के बाद अब आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेगा। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
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