Iran Warning : अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। युद्ध के बीच अमेरिका की ओर से दूसरे देशों पर ईरान की किसी भी तरह की मदद नहीं करने का दबाव बनाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि कोई देश ईरान की सहायता करता है तो उसे इसके गंभीर और भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका की इस चेतावनी के बीच ईरान ने भी अन्य देशों को अपनी सैन्य गतिविधियों को लेकर सख्त संदेश दिया है।
ईरान ने फारस की खाड़ी में विदेशी सैन्य मौजूदगी पर जताई आपत्ति
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी दूसरे देश की सैन्य मौजूदगी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इन इलाकों में किसी भी विदेशी देश की सैन्य मौजूदगी या सैन्य अभियानों में भागीदारी को ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का समर्थन माना जाएगा।
दक्षिण कोरिया को लेकर ईरान ने दिया खास संदेश
इस्माइल बघाई ने अपने बयान में ईरान और कोरिया गणराज्य के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राजनयिक रिश्ते 64 साल से अधिक पुराने हैं और ये संबंध आपसी सम्मान के आधार पर विकसित हुए हैं। ईरान दक्षिण कोरिया के साथ अपने दोस्ताना रिश्तों को काफी महत्व देता है।
होर्मुज और फारस की खाड़ी को लेकर बढ़ी चिंता
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान समय में ईरानी जनता अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का सामना कर रही है। उनके मुताबिक, ऐसे हालात में फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी अन्य देश की सैन्य मौजूदगी या वहां किसी अभियान में शामिल होना सीधे तौर पर आक्रामक पक्ष का समर्थन माना जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अमेरिका के दबाव में नहीं आएं जिम्मेदार देश
इस्माइल बघाई ने अपने संदेश में दुनिया के संप्रभु और जिम्मेदार देशों से अमेरिका के दबाव तथा धमकियों के आगे नहीं झुकने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को ईरानी लोगों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों और गंभीर अपराधों में शामिल नहीं होना चाहिए। ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका अन्य देशों को तेहरान की सहायता से दूर रखने की कोशिश कर रहा है।
28 फरवरी से जारी है अमेरिका-ईरान का सैन्य संघर्ष
ईरान के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के गठबंधन ने 28 फरवरी को उसके खिलाफ सैन्य हमला शुरू किया था। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष लगातार जारी है और इसे छह महीने से अधिक समय बीत चुका है। अमेरिका लगातार ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रहा है, जबकि ईरान भी जवाबी हमलों के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच हमले हुए तेज
हाल के घटनाक्रमों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान से जुड़े तीन कच्चा तेल ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब ईरान की ओर से अमेरिका के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की खबर सामने आई थी।
युद्ध लंबा खिंचने से बढ़ रहा वैश्विक तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से दूसरे देशों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने आसपास किसी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को सामान्य गतिविधि के तौर पर स्वीकार नहीं करेगा। वहीं अमेरिका की चेतावनियों के कारण अन्य देशों के सामने भी कूटनीतिक चुनौती बढ़ती जा रही है।
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