दुनिया के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले प्रधानमंत्री की सैलरी में 64 फीसदी का बड़ा इजाफा होने जा रहा है। सैलरी बढ़कर करोड़ों रुपये पहुंच जाएगी, लेकिन इसके बाद प्रधानमंत्री ने जो फैसला लिया है, उसने इस पूरी खबर को और ज्यादा खास बना दिया है।
दुनिया के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले प्रधानमंत्री की सैलरी में 64 फीसदी का बड़ा इजाफा होने जा रहा है। सैलरी बढ़कर करोड़ों रुपये पहुंच जाएगी, लेकिन इसके बाद प्रधानमंत्री ने जो फैसला लिया है, उसने इस पूरी खबर को और ज्यादा खास बना दिया है।

Singapore Prime Minister : सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री और अन्य राजनीतिक पदों पर बैठे नेताओं के वेतन में संशोधन को मंजूरी दी है। इस बदलाव के तहत प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के सालाना वेतन पैकेज में करीब 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। संशोधन लागू होने के बाद उनका वार्षिक पैकेज S$2.2 मिलियन से बढ़कर S$3.6 मिलियन हो जाएगा। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 26.9 करोड़ रुपये के बराबर बताई जा रही है।


प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग का संशोधित वेतन पैकेज 15 अक्टूबर से प्रभावी होने की बात कही गई है। नई व्यवस्था के बाद उनका वार्षिक पैकेज करीब 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर होगा। रिपोर्टों के अनुसार, यह राशि उन्हें दुनिया के सबसे अधिक वेतन पाने वाले राष्ट्राध्यक्षों में शामिल करती है। सिंगापुर में राजनीतिक नेतृत्व के वेतन को लेकर यह फैसला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

प्रधानमंत्री वोंग ने मंगलवार को संसद में एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे वेतन में हुई बढ़ोतरी से मिलने वाली अतिरिक्त राशि को अगले पांच वर्षों तक चैरिटी और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए दान करेंगे। उनके मुताबिक अतिरिक्त रकम करीब S$1.4 मिलियन सालाना है। इस फैसले के जरिए उन्होंने राजनीतिक वेतन को लेकर उठने वाली संवेदनशीलता और सार्वजनिक चिंताओं को संबोधित करने की कोशिश की है।
सिंगापुर में राजनेताओं के वेतन का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील माना जाता रहा है। प्रधानमंत्री वोंग ने भी इस बात को स्वीकार किया कि राजनीतिक पदों के लिए मिलने वाली बड़ी रकम की तुलना आम नागरिकों की आय से की जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सिंगापुर में औसत मासिक आय करीब S$5,775 बताई जाती है। ऐसे में शीर्ष राजनीतिक पदों के वेतन में इतनी बड़ी बढ़ोतरी पर सार्वजनिक चर्चा होना स्वाभाविक है।
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक सेवा के लिए निजी क्षेत्र के अनुभवी और प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन जरूरी है। सिंगापुर की वेतन नीति के पीछे यह तर्क लंबे समय से दिया जाता रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर वेतन से योग्य पेशेवरों को राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

सिंगापुर अपने राजनीतिक नेतृत्व को मिलने वाले अपेक्षाकृत ऊंचे वेतन के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। सरकार इस मॉडल को भ्रष्टाचार के जोखिम को कम करने की रणनीति से भी जोड़ती है। तर्क यह है कि जब सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को प्रतिस्पर्धी पारिश्रमिक मिलता है, तो आर्थिक अनियमितताओं के लिए प्रोत्साहन कम हो सकता है। हालांकि, इस मॉडल पर समय-समय पर बहस भी होती रही है।
वेतन संशोधन का असर केवल प्रधानमंत्री के पद तक सीमित नहीं है। शुरुआती स्तर के मंत्रियों के लिए बेंचमार्क वेतन S$1.1 मिलियन से बढ़ाकर S$1.8 मिलियन किया गया है। हालांकि, तत्काल प्रभाव से इसमें करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सांसदों का मासिक भत्ता भी S$13,750 से बढ़ाकर S$18,500 कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री के वेतन में बड़ा इजाफा और अतिरिक्त रकम दान करने के फैसले ने सिंगापुर की राजनीतिक वेतन व्यवस्था को फिर वैश्विक चर्चा में ला दिया है। सरकार इसे प्रतिभाशाली नेतृत्व को आकर्षित करने और सार्वजनिक सेवा को मजबूत बनाने का जरिया मानती है, जबकि आम जनता की आय के मुकाबले इन वेतनों का अंतर बहस का विषय बना हुआ है। वोंग का पांच साल तक अतिरिक्त रकम दान करने का फैसला इसी बहस के बीच एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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