Caste Census India : कांग्रेस ने बुधवार को प्रस्तावित जाति जनगणना के मौजूदा प्रारूप को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। पार्टी का आरोप है कि जातियों की जानकारी जुटाने के लिए ‘ड्रॉप-डाउन’ विकल्प देने के बजाय ‘ओपन-एंडेड’ सवाल रखने का फैसला प्रक्रिया में बड़ी खामी पैदा कर सकता है। कांग्रेस के मुताबिक, इससे एक ही जाति के अलग-अलग नाम, उपजातियां और वर्तनी दर्ज होने की संभावना बढ़ जाएगी और भविष्य में आंकड़ों के विश्लेषण में परेशानी आ सकती है।
क्या होता है ड्रॉप-डाउन और ओपन-एंडेड प्रारूप
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दोनों प्रारूपों के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि ‘ड्रॉप-डाउन’ व्यवस्था में व्यक्ति को पहले से उपलब्ध विकल्पों में से अपनी जाति का चयन करना होता है। वहीं ‘ओपन-एंडेड’ सवाल में व्यक्ति को अपना जवाब खुद लिखना पड़ता है। पार्टी का तर्क है कि जातियों के नाम लिखने की खुली व्यवस्था से एक ही समुदाय के कई नाम या अलग-अलग वर्तनी दर्ज हो सकती हैं।
देशभर में कांग्रेस ने शुरू किया अभियान
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस पिछले चार दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में 17 संवाददाता सम्मेलन कर चुकी है। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पार्टी ने जाति जनगणना को व्यवस्थित और सही तरीके से कराने की अपनी मांग दोहराई है। कांग्रेस का कहना है कि जातिगत आंकड़े केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका इस्तेमाल सामाजिक न्याय और विभिन्न वर्गों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने में भी किया जा सकता है।
जयराम रमेश ने सरकार पर साधा निशाना
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जयराम रमेश ने केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना का उद्देश्य केवल जातियों की संख्या पता करना नहीं है। उनके अनुसार, इसके लिए सही सवाल पूछना, विश्वसनीय आंकड़े जुटाना और विभिन्न वर्गों की हिस्सेदारी से जुड़े तथ्यों को सामने लाना जरूरी है। कांग्रेस ने इसी आधार पर मौजूदा प्रश्नावली में बदलाव की मांग की है।
प्रधानमंत्री मोदी की मंशा पर कांग्रेस ने उठाया सवाल
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि ओपन-एंडेड सवालों के कारण जाति जनगणना में एक ही जाति के अलग-अलग नाम, उपजातियां और वर्तनी दर्ज हो सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे आंकड़ों में असंगति पैदा होगी और पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि जाति जनगणना की प्रक्रिया ही कमजोर हो जाए। हालांकि यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है।
खरगे और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
कांग्रेस के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र भेजा है। रमेश ने बताया कि 20 अगस्त को भेजे गए इस पत्र में जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। कांग्रेस का दावा है कि पत्र भेजे जाने के बावजूद अभी तक प्रधानमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना की मांग
कांग्रेस ने मौजूदा प्रश्नावली को वापस लेकर प्रमाणित जातियों की सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग की है। जयराम रमेश ने तेलंगाना और बिहार में किए गए जाति सर्वेक्षणों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले से तैयार और सत्यापित जाति सूची का इस्तेमाल करना इस समस्या का व्यावहारिक समाधान हो सकता है।
राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों से चर्चा की मांग
कांग्रेस ने नई प्रश्नावली तैयार करने से पहले राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और आम लोगों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि जाति जनगणना जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में आंकड़ों की शुद्धता बेहद जरूरी है। इसलिए इसकी प्रश्नावली और पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय लेना आवश्यक है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने के आसार हैं।
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