Crude Oil Price : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र तेजी दर्ज की गई। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है। इस बीच Brent crude 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। बाजार में आशंका है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने पर तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
Brent और WTI की कीमतों में तेज उछाल
शुरुआती कारोबार में Brent crude करीब 1.6 प्रतिशत बढ़कर 99.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी West Texas Intermediate यानी WTI की कीमत में करीब 1.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 94.63 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। Brent का 100 डॉलर के करीब पहुंचना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का संकेत माना जा रहा है।
100 डॉलर के पार पहुंचा तेल तो बढ़ेगी महंगाई की चिंता
अगर Brent crude लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है, तो वैश्विक महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। महंगे कच्चे तेल का असर पेट्रोल-डीजल, परिवहन और उत्पादन लागत पर पड़ सकता है। इससे कई देशों के केंद्रीय बैंकों के सामने ब्याज दरों को लेकर भी नई चुनौती पैदा हो सकती है।
अगस्त की शुरुआत से करीब 25 फीसदी चढ़ा Brent
Brent crude की कीमतों में अगस्त की शुरुआत के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के दोबारा तेज होने और जल्द किसी स्थायी समाधान की उम्मीद कमजोर पड़ने के बाद तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिला है। मंगलवार को भी Brent कारोबार के दौरान करीब 99.45 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।
Hormuz Strait पर टिकी दुनिया की नजर
तेल बाजार के लिए होर्मुज स्ट्रेट सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया से होने वाले तेल निर्यात में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, इस समय Hormuz Strait से तेल की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं हुई है। इसके बावजूद बाजार में संभावित सप्लाई बाधित होने की आशंका कीमतों को ऊपर बनाए हुए है।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी IRGC ने दावा किया है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के दो डेस्ट्रॉयर और जॉर्डन के अल अजराक में स्थित एक अमेरिकी बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरानी पक्ष के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई।
जॉर्डन ने 18 मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की बात कही
जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने ईरान से दागी गई 20 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 18 को हवा में ही रोक दिया। सेना के अनुसार, बाकी दो मिसाइल आबादी वाले क्षेत्रों से दूर गिरीं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव के साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
अमेरिका ने पांच ईरानी तेल टैंकर नष्ट करने का दावा किया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को दावा किया कि उसने पांच ईरानी क्रूड ऑयल कैरियर को नष्ट किया है। अमेरिका के अनुसार, यह कार्रवाई IRGC की ओर से अमेरिकी नौसेना पर किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में की गई। इसके साथ ही हाल के दिनों में ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों की संख्या आठ तक पहुंचने का दावा किया गया है।
सऊदी अरब पर हमलों से बढ़ी ऊर्जा सुरक्षा की चिंता
तेल बाजार की चिंता केवल ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष तक सीमित नहीं है। ईरान समर्थित हूतियों की ओर से सऊदी अरब के शहरों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने की खबरों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में 70 से अधिक लोग घायल हुए और कुछ महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों में आग लगने की सूचना है।
क्या Brent 100 डॉलर के पार जाएगा?
अब बाजार की सबसे बड़ी नजर इस बात पर है कि Brent crude 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर पाता है या नहीं। फिलहाल Hormuz Strait से तेल की सप्लाई पूरी तरह बाधित नहीं हुई है, लेकिन भौतिक बाजार में आपूर्ति कम होने के संकेत मिल रहे हैं। इसी बीच Morgan Stanley ने Brent crude की औसत कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान जताया है। अगर क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है, तो तेल कीमतों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।
Read More : Hanuman Ansh Box Office: 5वें मंगलवार भी छाया ‘हनुमान अंश’, ₹11 करोड़ की कमाई से बनाया नया रिकॉर्ड