Modi Putin Meeting : ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात में भारत और रूस के संबंधों के साथ-साथ बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने वैश्विक परिस्थितियों और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
ब्रिक्स में सहयोग बढ़ाने पर दोनों नेताओं की चर्चा
बैठक के दौरान भारत की वर्ष 2026 में ब्रिक्स अध्यक्षता से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय संस्थाओं में भारत और रूस के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती परिस्थितियों को लेकर दोनों देशों के रुख और प्राथमिकताओं पर भी विचार साझा किए गए।
पश्चिम एशिया और काला सागर संघर्ष पर मंथन
मोदी और पुतिन की बातचीत में पश्चिम एशिया तथा काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्ष भी प्रमुख मुद्दा रहा। इन क्षेत्रों में चल रहे तनाव का प्रभाव वैश्विक समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है। समुद्री मार्गों में पैदा हो रही चुनौतियों के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन को लेकर भारत की चिंताओं पर भी चर्चा हुई।
भारत ने संवाद और कूटनीति को बताया समाधान का रास्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के महत्व को दोहराया। भारत का रुख रहा है कि युद्ध और तनाव को बढ़ाने के बजाय बातचीत के जरिए स्थायी समाधान तलाशना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत शांति स्थापित करने से जुड़े प्रयासों में अपनी भूमिका निभाने और आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भारत की विशेष चिंता
पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और समुद्री व्यापार पर भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में अलग-अलग समुद्री मार्गों से गुजरने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत के लिए महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है। बैठक में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय तनाव से जुड़ी इन चुनौतियों और संभावित प्रभावों पर भी चर्चा की।
2026 में भारत के पास ब्रिक्स की अध्यक्षता
भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, इसलिए रूस के साथ इस बहुपक्षीय मंच पर सहयोग को अहम माना जा रहा है। दोनों देशों ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर आपसी समन्वय बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया। भारत ने शांतिपूर्ण समाधान और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देने की अपनी नीति भी बैठक में दोहराई।
पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया
बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस यात्रा का औपचारिक निमंत्रण दिया। यह दौरा 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, यात्रा की अंतिम तारीख अभी तय नहीं हुई है।
राजनयिक माध्यमों से तय होगी यात्रा की तारीख
भारत और रूस दोनों देशों की सुविधा के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा की तारीख राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी। वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इसमें आमतौर पर रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और निवेश सहित क्षेत्रीय तथा वैश्विक विषयों पर सहयोग की समीक्षा की जाती है। बैठक से दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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