Mamata Banerjee : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई सवाल उठाए। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी कर दोनों प्रतिद्वंद्वी TMC गुटों को आगामी पश्चिम बंगाल उपचुनाव में मूल पार्टी नाम और ‘फूल एवं घास’ वाले आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था।
नंदीग्राम उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने से बढ़ा विवाद
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद चुनावी मुकाबले को लेकर नई राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। नंदीग्राम उपचुनाव में दोनों गुटों के दावों और उम्मीदवारों को लेकर पहले से ही स्थिति संवेदनशील बनी हुई थी। बाद में चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने कांग्रेस के साथ समर्थन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन सहयोगियों का साथ देगी और BJP का समर्थन नहीं करेगी। ममता ने यह भी बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनसे बातचीत की थी। उनके बयान के बाद आगामी उपचुनाव में विपक्षी दलों के बीच संभावित तालमेल को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।
ममता ने कहा, हम पीछे नहीं हटेंगे
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि वह और उनके सहयोगी राजनीतिक संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने बंगाल की जनता से समर्थन की अपील भी की। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियां लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। हालांकि, इन बयानों को ममता बनर्जी की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग और BJP की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
पार्टी नाम और चुनाव चिह्न को लेकर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले पर कई सवाल उठाए। उन्होंने पार्टी के पुराने नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि TMC लंबे समय से इसी पहचान के साथ चुनाव लड़ती रही है। उन्होंने पार्टी के बैंक खाते को फ्रीज किए जाने और अन्य कथित कार्रवाई का भी उल्लेख किया। इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक प्रक्रिया और रिकॉर्ड अलग से महत्वपूर्ण हैं।
EVM को लेकर भी ममता ने उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने EVM से जुड़े सवाल भी उठाए। उन्होंने कथित तौर पर खराब या जली हुई मशीनों की जांच को लेकर सवाल किया और पूछा कि क्या किसी स्तर पर EVM को नियंत्रित किया गया था। इन दावों के संबंध में किसी निष्कर्ष को तथ्य के रूप में पेश करने से पहले संबंधित जांच या आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार जरूरी है।
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को दिए नए विकल्प
चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के अनुसार, मूल TMC नाम और आरक्षित ‘फूल एवं घास’ चिह्न का इस्तेमाल दोनों गुट नहीं कर सकते थे। आयोग ने दोनों पक्षों से वैकल्पिक नाम और स्वतंत्र चुनाव चिह्नों के विकल्प मांगे थे। इसके बाद 18 सितंबर को आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और प्रतीक आवंटित कर दिए।
अब नए नाम और चिह्न के साथ होगा चुनाव
नए घटनाक्रम के तहत ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चिह्न आवंटित किया गया है। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चिह्न दिया गया है। ये व्यवस्थाएं संबंधित उपचुनावों के लिए लागू हैं, जबकि मूल TMC नाम और चिह्न पर अंतिम विवाद का निर्णय अलग प्रक्रिया के तहत होना है।
TMC विवाद ने बंगाल की राजनीति गरमाई
TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक ओर ममता बनर्जी अपने गुट के पक्ष में राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया दे रही हैं, वहीं दूसरे गुट की ओर से भी पार्टी पर दावा किया जा रहा है। चुनाव आयोग के अंतरिम और बाद के फैसलों के बाद अब उपचुनाव में दोनों पक्षों की अलग पहचान के साथ मैदान में उतरने की स्थिति बन गई है।
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