Nandigram Bypoll : पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब कुछ ही घंटे पहले तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रधान की गिरफ्तारी एक पुराने मामले के सिलसिले में की गई है।
पुराने हत्या मामले से जुड़ा बताया जा रहा गिरफ्तारी का मामला
रिपोर्टों में बताया गया है कि मिलन प्रधान का नाम करीब दो दशक पुराने एक हत्या मामले में सामने आया था। यह मामला नंदीग्राम आंदोलन के दौर का बताया जा रहा है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में मामले की पूरी कानूनी जानकारी, एफआईआर का विवरण और प्रधान पर लगाए गए आरोपों की विस्तृत जानकारी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
प्रचार के दौरान पुलिस ने की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मिलन प्रधान शुक्रवार शाम नंदीग्राम ब्लॉक नंबर दो के रेयापारा से सटे इलाके में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। रिपोर्टों में गिरफ्तारी का समय शाम करीब साढ़े पांच बजे के बाद बताया गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की परिस्थितियों और मामले की विस्तृत धाराओं को लेकर तत्काल पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन देने का किया ऐलान
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से पहले नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने घोषणा की कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा। यह घोषणा उपचुनाव से कुछ ही समय पहले हुई, जिससे सीट पर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आया।
संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने से बदला समीकरण
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के समर्थन की घोषणा की। रिपोर्टों के अनुसार, नामांकन वापस लेने से पहले संचिता प्रधान डे की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात भी हुई थी। हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और इस संबंध में सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
अधीर रंजन चौधरी ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। चौधरी ने गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे चुनावी माहौल पर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
छह अक्टूबर को होना है नंदीग्राम में उपचुनाव
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव छह अक्टूबर को प्रस्तावित है, जबकि मतगणना नौ अक्टूबर को होगी। यह सीट शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा की दूसरी सीट बनाए रखने के बाद खाली हुई थी। चुनाव से पहले उम्मीदवारों की स्थिति और राजनीतिक गठजोड़ में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद अब नंदीग्राम का चुनावी माहौल और अधिक चर्चा में आ गया है।
गिरफ्तारी के बाद कई सवालों पर नजर
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद अब मुख्य सवाल पुराने हत्या मामले की पूरी जानकारी और पुलिस कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया को लेकर है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इस घटनाक्रम के बाद अपने चुनाव अभियान को किस तरह आगे बढ़ाती है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में गिरफ्तारी को पुराने मामले से जोड़कर बताया गया है, जबकि मामले की विस्तृत कानूनी जानकारी सामने आने का इंतजार है।
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