Warren Buffett Chairman : दुनिया के चर्चित निवेशकों में शामिल वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने शुक्रवार को नेतृत्व में बदलाव की जानकारी दी। इसके बाद बफे को चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका दी गई है। हालांकि, वह कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होंगे और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
बोर्ड में बने रहकर कंपनी को सलाह देंगे बफे
वॉरेन बफे बर्कशायर हैथवे के बोर्ड में निदेशक के तौर पर बने रहेंगे। कंपनी के अनुसार, उनके लंबे अनुभव और कारोबारी समझ का लाभ आगे भी संगठन को मिलता रहेगा। चेयरमैन पद छोड़ने के बावजूद बफे कंपनी के रणनीतिक मामलों में अपनी सलाह और मार्गदर्शन जारी रख सकते हैं।
हॉवर्ड बफे को बनाया गया नया चेयरमैन
बर्कशायर हैथवे की लंबे समय से तैयार की जा रही उत्तराधिकार योजना के तहत हॉवर्ड बफे को कंपनी का नया चेयरमैन चुना गया है। हॉवर्ड वर्ष 1993 से बर्कशायर हैथवे के निदेशक मंडल का हिस्सा हैं। उनके चयन के साथ कंपनी ने नेतृत्व परिवर्तन की अपनी पूर्व निर्धारित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
ग्रेग एबेल CEO पद पर बने रहेंगे
चेयरमैन पद में बदलाव के बावजूद कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रेग एबेल अपनी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। वहीं, सूजन लिन डेकर भी लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद पर बनी रहेंगी। इस तरह नेतृत्व संरचना में बदलाव मुख्य रूप से चेयरमैन की भूमिका तक सीमित है, जबकि अन्य प्रमुख जिम्मेदारियों में निरंतरता रखी गई है।
बफे की विरासत और कारोबारी संस्कृति पर जोर
ग्रेग एबेल ने बर्कशायर हैथवे के बोर्ड की ओर से वॉरेन बफे के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी और उसके शेयरधारकों पर बफे का प्रभाव अमेरिकी कारोबार के इतिहास में विशिष्ट रहा है। उनके अनुसार, बफे ने कंपनी के भीतर जिस संस्कृति और मूल्यों को विकसित किया, वे आगे भी बर्कशायर हैथवे के कामकाज का हिस्सा बने रहेंगे।
हॉवर्ड बफे लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय
नए चेयरमैन हॉवर्ड बफे कारोबारी जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। वह 1999 से Howard G. Buffett Foundation के चेयरमैन और प्रमुख हैं। यह संस्था दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में खाद्य सुरक्षा, संघर्ष कम करने और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में काम करती है।
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम से भी जुड़े रहे
हॉवर्ड बफे कई सार्वजनिक और निजी कंपनियों के बोर्ड में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह लगभग एक दशक तक संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के सद्भावना राजदूत रहे। इस भूमिका के दौरान उन्होंने वैश्विक स्तर पर भूख और खाद्य असुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर काम किया।
नेतृत्व बदलाव के बावजूद बफे का जुड़ाव बरकरार
चेयरमैन पद छोड़ने के बाद भी वॉरेन बफे का बर्कशायर हैथवे से संबंध बना रहेगा। वह बोर्ड में रहेंगे और कंपनी के लिए अपनी सलाह देते रहेंगे। वहीं, हॉवर्ड बफे अब चेयरमैन के रूप में कंपनी की संस्कृति और दीर्घकालिक मूल्यों की देखरेख करेंगे।
उत्तराधिकार योजना का अहम चरण पूरा
बर्कशायर हैथवे में हुआ यह बदलाव अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि कंपनी की लंबे समय से चली आ रही लीडरशिप सक्सेशन प्लान का हिस्सा है। वॉरेन बफे के नेतृत्व में कंपनी ने कई दशकों तक अपनी अलग कारोबारी पहचान बनाई। अब हॉवर्ड बफे के चेयरमैन बनने के साथ अगली पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ गई है।
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