North Korea Missile : उत्तर कोरिया ने रविवार को समुद्र की दिशा में कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया। दक्षिण कोरिया की सेना ने इसकी जानकारी दी। यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब प्योंगयांग ने दो दिन पहले अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करने की चेतावनी दी थी। उत्तर कोरिया ने अमेरिका की कथित ‘शत्रुतापूर्ण गतिविधियों’ का जवाब देने की बात भी कही थी। मिसाइल प्रक्षेपण के बाद दक्षिण कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से प्रतिबंधित बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों को रोकने की अपील की।
मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय की
दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, पहली मिसाइल ने उत्तर कोरिया के पूर्वी समुद्री क्षेत्र की दिशा में लगभग 450 किलोमीटर की दूरी तय की। सेना ने मिसाइल की उड़ान पर नजर बनाए रखी और संबंधित जानकारी अमेरिका तथा जापान के साथ साझा की। कुछ घंटे बाद दक्षिण कोरिया ने बताया कि उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक और मिसाइल भी लॉन्च की है। हालांकि, दूसरी मिसाइल के संबंध में उसकी उड़ान दूरी, प्रकार या अन्य तकनीकी विवरण तत्काल सार्वजनिक नहीं किए गए।
दक्षिण कोरिया ने निगरानी व्यवस्था मजबूत की
मिसाइल प्रक्षेपण के बाद दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि उसने उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। सेना अमेरिका और जापान के साथ करीबी समन्वय बनाए हुए है तथा संभावित अतिरिक्त मिसाइल गतिविधियों पर नजर रख रही है। अधिकारियों के अनुसार, तीनों देशों के बीच खुफिया और सैन्य सूचनाओं का आदान-प्रदान जारी है। दक्षिण कोरिया इस घटनाक्रम को उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी के संदर्भ में देख रहा है।
संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का पालन करने की अपील
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने उत्तर कोरिया से बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण तत्काल रोकने का आग्रह किया। उसका कहना है कि इस तरह के परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत प्रतिबंधित हैं। सियोल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील की है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के मुताबिक, लगातार होने वाले मिसाइल परीक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं और तनाव बढ़ा सकते हैं।
अमेरिका के साथ मिलकर जवाब देने की तैयारी
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि वह उत्तर कोरिया की किसी भी संभावित उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। सेना ने अमेरिका के साथ अपने मजबूत सैन्य गठबंधन को इस तैयारी का महत्वपूर्ण आधार बताया। वहीं, जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी उत्तर कोरिया की संदिग्ध मिसाइल के प्रक्षेपण का पता चलने की पुष्टि की। जापान के अनुसार, यह मिसाइल उसके क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नहीं गिरी।
उत्तर कोरिया ने पहले भी किया सैन्य अभ्यास
इस महीने की शुरुआत में उत्तर कोरिया ने मिसाइलों, तोपखाने और ड्रोन को शामिल करते हुए एक संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था। प्योंगयांग ने इस अभ्यास में अलग-अलग प्रकार के हथियारों का एक साथ परीक्षण किए जाने की बात कही थी। उत्तर कोरिया के अनुसार, इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य संभावित सैन्य परिस्थितियों में उसकी क्षमताओं को मजबूत करना था। विशेष रूप से हवाई सुरक्षा को भेदने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई थी।
अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के अभ्यास पर प्रतिक्रिया
उत्तर कोरिया का यह अभ्यास अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के पांच दिवसीय त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास के समाप्त होने के एक दिन बाद हुआ था। प्योंगयांग ने उस संयुक्त सैन्य अभ्यास को अपने खिलाफ उकसावे के रूप में पेश किया था। इसके बाद उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने का संकेत दिया। अब ताजा बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण से कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य गतिविधियों और दोनों पक्षों के बीच तनाव को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है।
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