Ujjain Shahi Masjid Row : मध्य प्रदेश का उज्जैन सोमवार को शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर तनाव में रहा। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी परियोजना के लिए शाही मस्जिद का वह हिस्सा हटाया जा रहा है, जो प्रस्तावित सड़क की सीमा में आ रहा है। कार्रवाई शुरू होते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस पर पथराव के बाद आंसू गैस
मस्जिद के हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी। पुलिस के मुताबिक, भीड़ की ओर से सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर करने की कार्रवाई की। घटनाक्रम के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
15 लोगों की गिरफ्तारी, कई एफआईआर दर्ज
पुलिस के मुताबिक, पथराव और हिंसक घटनाओं के सिलसिले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं मामले में सात से अधिक एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने इलाके में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी भी बढ़ा दी है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी तरह की अफवाह या दोबारा तनाव की स्थिति को फैलने से रोका जा सके।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
तनाव को देखते हुए उज्जैन में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, इलाके में करीब 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि कुछ रिपोर्टों में 2,500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती का उल्लेख है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग और आवाजाही पर नियंत्रण जैसे कदम उठाए गए हैं।
सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना
विवाद की मुख्य वजह उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की योजना है। नगर निगम करीब 900 मीटर लंबे सड़क मार्ग को 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना पर काम कर रहा है। प्रस्तावित सड़क की सीमा में शाही मस्जिद का एक हिस्सा आ रहा है। इसी हिस्से को हटाने को लेकर मस्जिद समिति और स्थानीय लोगों की ओर से आपत्ति जताई गई है।
मस्जिद समिति ने जताई आपत्ति
मस्जिद से जुड़े लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल को सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई से अलग रखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि सड़क के लिए वैकल्पिक दिशा में विस्तार किया जा सकता है। मस्जिद समिति ने इस कार्रवाई को कानूनी रूप से चुनौती भी दी है। रविवार रात बड़ी संख्या में लोग मस्जिद परिसर में जुटे थे और प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया था।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा था मामला
शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के खिलाफ पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं। 9 सितंबर को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने नगर निगम की कार्रवाई को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अदालत ने कहा था कि सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में प्रशासन ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। अदालत ने सिंहस्थ के दौरान यातायात प्रबंधन और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की जरूरत को भी ध्यान में रखा था।
धार्मिक स्थलों को लेकर भी अदालत ने की टिप्पणी
हाईकोर्ट के सामने यह दलील भी रखी गई थी कि मस्जिद को धार्मिक स्थल होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। फैसले में बताया गया कि इसी सड़क चौड़ीकरण प्रक्रिया के तहत अन्य धार्मिक संरचनाओं पर भी कार्रवाई हुई है। अदालत ने माना कि केवल धार्मिक स्थल होने के आधार पर नगर निगम की कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता।
सोमवार को स्थिति पर प्रशासन की नजर
सोमवार की घटनाओं के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इस बीच मस्जिद समिति की ओर से कानूनी विकल्पों पर आगे बढ़ने की बात कही गई है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर उठा यह विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया से भी जुड़ गया है।
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