Asian Games 2026 : एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट मुरली श्रीशंकर ने चोट के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की लंबी कूद में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। बारिश के बीच आयोजित इस मुकाबले में श्रीशंकर ने 8.07 मीटर की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चौथे प्रयास के दौरान उनके टखने में मोच आ गई, जिसके बाद वह अपने बाकी दो प्रयास नहीं कर सके। हालांकि, तब तक उनका रजत पदक सुरक्षित हो चुका था।
दूसरे प्रयास में लगाया 8.07 मीटर का शानदार जंप
मुरली श्रीशंकर ने प्रतियोगिता में अपने दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर की दूरी तय की। यही उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और इसी छलांग ने उन्हें पोडियम पर जगह दिलाई। इससे पहले उन्होंने अपने पहले प्रयास में 7.66 मीटर की छलांग लगाई थी। तीसरे प्रयास में वह 7.56 मीटर तक पहुंचे। चौथे प्रयास के दौरान चोट लगने के बाद भारतीय एथलीट को आगे प्रतिस्पर्धा करने में परेशानी हुई।
चौथे प्रयास में लगी टखने में चोट
बारिश के बीच चल रही प्रतियोगिता के दौरान श्रीशंकर जब अपना चौथा प्रयास करने पहुंचे, तब उनके पैर में मोच आ गई। चोट के कारण वह अपने पांचवें और छठे प्रयास के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। इसके बावजूद उनके दूसरे प्रयास में हासिल 8.07 मीटर का प्रदर्शन उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। भारतीय दल के लिए यह प्रदर्शन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि श्रीशंकर ने कठिन परिस्थितियों में पदक सुनिश्चित किया।
चीन के युहाओ शी ने जीता गोल्ड
लंबी कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक चीन के युहाओ शी के नाम रहा। उन्होंने अपने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 8.17 मीटर की छलांग लगाई और पहला स्थान हासिल किया। श्रीशंकर की 8.07 मीटर की छलांग उनसे 10 सेंटीमीटर पीछे रही। उज्बेकिस्तान के अनवर अनवारोव ने 8.06 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने यह दूरी अपने चौथे प्रयास में तय की।
एशियन गेम्स में श्रीशंकर का लगातार दूसरा सिल्वर
मुरली श्रीशंकर के लिए यह एशियन गेम्स में लगातार दूसरा रजत पदक है। इससे पहले 2023 में भी उन्होंने लंबी कूद में 8.19 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता था। इस तरह एशियाई खेलों में उन्होंने लगातार दूसरी बार पोडियम फिनिश हासिल की है। हाल के समय में भी श्रीशंकर ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीते हैं।
एथलेटिक्स में भारत के पदकों की संख्या 19
सोमवार तक एथलेटिक्स में भारत के पदकों की संख्या 19 हो गई है। इनमें 9 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। हालांकि, एथलेटिक्स में भारतीय दल को अभी स्वर्ण पदक का इंतजार है। श्रीशंकर के रजत ने सोमवार को भारत के पदक अभियान को और मजबूत किया। एथलेटिक्स के विभिन्न इवेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पोडियम फिनिश हासिल की है।
पारुल चौधरी ने भी जीता कांस्य
सोमवार को भारत के लिए एथलेटिक्स में कई महत्वपूर्ण प्रदर्शन देखने को मिले। महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल में पारुल चौधरी ने कांस्य पदक जीता। इससे पहले पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने 3 मिनट 36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इन प्रदर्शनों ने भारतीय एथलेटिक्स टीम के पदक खाते को और बढ़ाया।
विथ्या रामराज ने तोड़ा पीटी उषा का रिकॉर्ड
महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज ने कांस्य पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 55.42 सेकेंड के समय के साथ पीटी उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। पीटी उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं और एशियन गेम्स के दौरान मौजूद हैं। सोमवार के इन पदकों से भारतीय एथलेटिक्स अभियान को लगातार मजबूती मिली है।
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