Asian Games 2026 : एशियन गेम्स 2026 में भारतीय जैवलिन थ्रो टीम ने नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति में भी शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में सिल्वर और ब्रॉन्ज, दोनों पदक अपने नाम किए। यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता, जबकि रोहित यादव ने 84.35 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश पथिरागे के नाम रहा।
यशवीर सिंह ने आखिरी प्रयास में जीता सिल्वर
भारत के 24 वर्षीय यशवीर सिंह ने मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती प्रयासों के बाद वह पदक की दौड़ में बने रहे, लेकिन उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन छठे और आखिरी प्रयास में आया। उन्होंने 85.72 मीटर दूर भाला फेंककर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इस थ्रो के साथ उन्होंने हमवतन रोहित यादव को पीछे छोड़ते हुए सिल्वर मेडल पक्का कर लिया।
रोहित यादव ने 84.35 मीटर का थ्रो किया
रोहित यादव ने भी प्रतियोगिता में भारत के लिए मजबूत प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 84.35 मीटर की दूरी तय की और ब्रॉन्ज मेडल की स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच सिल्वर और ब्रॉन्ज को लेकर मुकाबला दिलचस्प बना रहा। हालांकि, आखिरी प्रयास में यशवीर के शानदार थ्रो ने पदकों की स्थिति बदल दी और वह रजत पदक हासिल करने में सफल रहे।
भारत के दोनों खिलाड़ियों में दिखी कड़ी टक्कर
जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता के दौरान यशवीर सिंह और रोहित यादव के बीच दूसरे स्थान के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। दोनों खिलाड़ी लगातार पदक की दौड़ में बने हुए थे। कभी रोहित आगे दिखाई दिए तो कभी यशवीर ने बढ़त बनाई। आखिरकार यशवीर ने अपने अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके सिल्वर अपने नाम किया, जबकि रोहित को कांस्य से संतोष करना पड़ा।
रुमेश पथिरागे ने जीता स्वर्ण पदक
श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने प्रतियोगिता में सबसे लंबी दूरी का थ्रो करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने अपने चौथे प्रयास में 88.33 मीटर की दूरी तय की। यही प्रदर्शन उन्हें शीर्ष स्थान दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। पथिरागे ने इससे पहले हालिया राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण वह अंतरराष्ट्रीय जैवलिन में उभरते हुए खिलाड़ियों में शामिल हो रहे हैं।
अरशद नदीम चौथे स्थान पर रहे
पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी इस स्पर्धा में पदक हासिल नहीं कर सके। नदीम ने 80.29 मीटर का थ्रो किया, जो उनका इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इसके बावजूद वह चौथे स्थान पर रहे और पदक की दौड़ से बाहर हो गए। इस तरह प्रतियोगिता में भारत ने दो पदक हासिल किए, जबकि पाकिस्तान के खाते में कोई पदक नहीं आया।
एशियन गेम्स में जैवलिन का पांचवां भारतीय पदक
एशियन गेम्स के इतिहास में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत का यह पांचवां पदक है। इससे पहले नीरज चोपड़ा ने 2018 और 2022 के एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। 2022 में भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए थे। नीरज के गोल्ड के अलावा किशोर जेना ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।
नीरज की गैरमौजूदगी में बढ़ा भारत का पदक खाता
इस बार नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति के बावजूद भारतीय जैवलिन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक हासिल किए। यशवीर सिंह का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और रोहित यादव का कांस्य पदक भारत के लिए खास उपलब्धि रहा। इस प्रदर्शन से भारतीय एथलेटिक्स में जैवलिन थ्रो की मजबूत मौजूदगी भी एक बार फिर सामने आई है।
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