Asian Games 2026 : नागोया में जारी एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। अब स्वर्ण पदक के लिए भारत का सामना फाइनल में चीन से होगा।
दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने किए दोनों गोल
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सेमीफाइनल मुकाबले का पहला हाफ गोलरहित रहा। शुरुआती 30 मिनट में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के डिफेंस को चुनौती दी, लेकिन कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा और मुकाबला काफी रोमांचक स्थिति में पहुंच गया था।
इशिका ने पेनल्टी पर दिलाई पहली बढ़त
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक खेल दिखाया और दक्षिण कोरिया के डिफेंस पर दबाव बढ़ाया। मुकाबले के 44वें मिनट में भारत को पेनल्टी का मौका मिला, जिसे इशिका ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया।
सलीमा टेटे के गोल से मजबूत हुई भारत की स्थिति
पहले गोल के कुछ ही मिनट बाद भारत ने अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया। मुकाबले के 48वें मिनट में सलीमा टेटे ने शानदार गोल करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद दक्षिण कोरिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने लगातार दबाव के बावजूद उसे गोल करने का अवसर नहीं दिया।
चीन से होगा स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला
भारतीय महिला हॉकी टीम के फाइनल में पहुंचने के बाद अब स्वर्ण पदक की लड़ाई चीन के साथ होगी। चीन ने दूसरे सेमीफाइनल में जापान को शूटआउट में 4-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। ऐसे में अब एशियाई खेलों के फाइनल में भारत और चीन के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
पिछली बार कांस्य पदक जीता था भारत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इस बार टीम ने सेमीफाइनल में जीत दर्ज करके अपने पदक का रंग बदलना तय कर लिया है। अब भारतीय टीम के पास रजत से आगे बढ़कर स्वर्ण पदक जीतने का मौका है। फाइनल मुकाबला टीम के लिए महत्वपूर्ण होगा।
चौथी बार एशियाड फाइनल में पहुंची भारतीय टीम
भारतीय महिला हॉकी टीम एशियाई खेलों के इतिहास में चौथी बार फाइनल में पहुंची है। इससे पहले टीम 1982, 1998 और 2018 में एशियाड के फाइनल तक पहुंच चुकी है। 1982 में भारत ने घरेलू मैदान पर स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि 1998 के बैंकॉक और 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में टीम स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई थी।
भारत के पास फिर स्वर्ण जीतने का मौका
एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 के बाद से अब तक एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीते हैं। अब टीम के पास एक बार फिर स्वर्ण पदक हासिल करने का अवसर है। फाइनल में चीन की चुनौती आसान नहीं होगी। दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला एशियाई खेलों की महिला हॉकी स्पर्धा का निर्णायक मुकाबला होगा।
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