Twisha Sharma Death Case : ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में उनकी सास गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की ओर से दहेज प्रताड़ना के आरोपों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी अदालत के सामने रखी गई। CBI ने बताया कि जांच के दौरान ऐसे आरोपों को साबित करने वाले साक्ष्य सामने नहीं आए हैं।
CBI को दहेज प्रताड़ना के नहीं मिले साक्ष्य
अदालत में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट में दहेज प्रताड़ना के आरोप को साबित नहीं किया गया है। जांच एजेंसी ने जांच के दौरान इस आरोप से संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल की थी। हालांकि, एजेंसी के मुताबिक उसे दहेज प्रताड़ना से जुड़े ऐसे प्रमाण नहीं मिले, जिनके आधार पर इस आरोप को पुष्ट किया जा सके।
जमानत आवेदन में बदलाव का निर्देश
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गिरीबाला सिंह के वकीलों को उनके जमानत आवेदन में दहेज प्रताड़ना से संबंधित तथ्यों को हटाने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आवेदन में इस आरोप से संबंधित उस हिस्से को हटाया जाए, क्योंकि जांच के दौरान इसे साबित करने वाले साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। यह निर्देश सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दिया गया।
गिरीबाला सिंह को मिली सीमित राहत
CBI की ओर से दहेज प्रताड़ना के आरोप को साबित करने वाले साक्ष्य नहीं मिलने की जानकारी सामने आने के बाद गिरीबाला सिंह को मामले में मामूली राहत मिली है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर अंतिम फैसला सुना दिया है। उनकी जमानत याचिका पर अभी आगे भी सुनवाई होनी बाकी है।सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह अदालत में पेश हुए। उन्होंने जमानत याचिका से संबंधित पक्ष और मामले के विभिन्न पहलुओं को कोर्ट के सामने रखा। वहीं, CBI की ओर से जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दहेज प्रताड़ना के आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई।
8 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 अक्टूबर की तारीख तय की है। अब इस तारीख पर गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी। फिलहाल अदालत के निर्देश के बाद जमानत आवेदन से दहेज प्रताड़ना से जुड़े तथ्यों को हटाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।
जांच और कोर्ट की प्रक्रिया पर नजर
ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ा मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के स्तर पर आगे बढ़ रहा है। CBI की चार्जशीट में दहेज प्रताड़ना के आरोप को साबित करने वाले साक्ष्य नहीं मिलने की बात सुनवाई के दौरान सामने आई है। हालांकि, मामले से जुड़े अन्य आरोपों और तथ्यों पर अदालत में आगे की कार्यवाही जारी रहेगी। अगली सुनवाई में जमानत याचिका पर अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें और रखे गए रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।
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