Captain Smit Machchhar : भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने उन्हें प्रतिष्ठित ‘प्रेसीडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ यानी नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। कैप्टन स्मित ने कथित तौर पर विमान में हुए जानलेवा हमले के दौरान गंभीर चोटों के बावजूद हिम्मत दिखाई और यात्रियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई। इस घटना ने विमानन सुरक्षा और संकट के समय साहस की अहमियत को फिर चर्चा में ला दिया है।
इजरायली राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर की सराहना
इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना से जुड़े लोगों की बहादुरी की सराहना की। उनके संदेश के मुताबिक, यिनोन हायोन, डॉ. शोता मुसिएव, ताली और ज्वी मैंस, ओर पार्डो तथा आसफ रेगुआन को भी नागरिक बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि इन लोगों ने साहस, सूझबूझ और आपसी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए फ्लाईदुबई की उड़ान में यात्रियों की जान बचाने में योगदान दिया। उन्होंने इस घटना में कथित आतंकवादी साजिश की गंभीरता का भी उल्लेख किया।
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या हुआ?
खबर के मुताबिक, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान में 174 यात्री सवार बताए गए। उड़ान के दौरान कथित तौर पर ओमानी मूल के फर्स्ट ऑफिसर ने कॉकपिट में क्रैश एक्स से कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। बताया गया कि हमलावर ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। इस अचानक हुई घटना से विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया।
विमान अचानक नीचे आया, यात्रियों में बढ़ा खतरा
रिपोर्ट के अनुसार, हमले के दौरान विमान करीब 14 हजार फीट नीचे उतर गया। ऐसी स्थिति में यात्रियों की जान बचाने और विमान को नियंत्रित रखना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद डटे रहे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे अन्य यात्रियों और ड्यूटी पर नहीं मौजूद पायलटों को अंदर पहुंचकर मदद करने का अवसर मिला।
यात्रियों और पायलटों ने मिलकर हमलावर को काबू किया
घटना के विवरण के मुताबिक, कॉकपिट में पहुंचे लोगों ने मिलकर हमलावर को काबू में किया। इसके बाद विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभालने और सुरक्षित लैंडिंग की दिशा में काम किया। बताया गया कि विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया। इस कार्रवाई में कैप्टन स्मित के साहस के साथ-साथ दूसरे लोगों की तत्परता और सामूहिक प्रयास भी महत्वपूर्ण रहे। हालांकि, घटना से संबंधित सभी तकनीकी और जांच विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने भी की तारीफ
खबर के अनुसार, अस्पताल में उपचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत की और उनकी बहादुरी की सराहना की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनसे फोन पर बात की और उन्हें हीरो बताया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि नेतन्याहू ने उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।
नागरिक वीरता पुरस्कार से बढ़ेगा सम्मान
इजरायल के राष्ट्रपति की घोषणा ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। इस घटना में यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिखाई गई हिम्मत और संकट के समय सहयोग की भावना को खास महत्व दिया जा रहा है। प्रस्तावित सम्मान उन लोगों के योगदान को भी रेखांकित करता है, जिन्होंने कथित हमले के दौरान मदद की। हालांकि, पुरस्कार की औपचारिक प्रक्रिया और घटना से जुड़े आधिकारिक विवरणों की पुष्टि के बाद ही सभी पहलुओं की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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