Arvind Kejriwal on Modi : आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और उसके समर्थकों को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात की तुलना आपातकाल से करते हुए आरोप लगाया कि भारत में लोकतंत्र कमजोर किया जा रहा है और तानाशाही जैसी स्थिति बन गई है।
मोदी सरकार पर तानाशाही का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि मौजूदा हालात इमरजेंसी से भी बदतर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण तानाशाही जैसी व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। केजरीवाल ने CJP के सदस्यों को विमान से उतरने के बाद हिरासत में लिए जाने की घटना का जिक्र करते हुए इसे सरकार की घबराहट का संकेत बताया। उनके मुताबिक, विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।
वोट चोरी के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनाव में कथित वोट चोरी के जरिए जीत हासिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब कथित चुनावी गड़बड़ियों को सामने आने से रोकने के लिए लोकतंत्र और विरोध के अधिकार को दबाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, वोट चोरी से जुड़े आरोप केजरीवाल के राजनीतिक दावे हैं। चुनाव में धांधली के आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के साथ मोदी के इस्तीफे की मांग
AAP संयोजक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पद छोड़ देना चाहिए। केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब CJP ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है। इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा सख्त
CJP ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कथित तौर पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं।
IGI एयरपोर्ट पर CJP नेताओं को हिरासत में लेने का मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान से उतरने के बाद पुलिसकर्मियों ने विमान के भीतर पहुंचकर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके सह-संयोजकों सौरव दास तथा आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन से पहले करीब 200 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को चुनाव आयोग और बीजेपी ने खारिज किया है। आयोग की ओर से नाम हटाए जाने के पीछे स्थान बदलने, मतदाताओं का पता नहीं चलने और मृत्यु जैसे कारण बताए गए हैं। ऐसे में CJP के आरोपों और केजरीवाल के बयान के बीच चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर विपक्ष, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।
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