Abujhmad News: छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी और छत्तीसगढ़ पुलिस की एक संयुक्त टीम ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए हैं। इस बरामदगी में 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी (IED), एक देसी रॉकेट लॉन्चर और कई मोर्टार राउंड शामिल हैं। मौके पर ही बम निरोधक दस्ते ने खतरनाक आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टालने में सुरक्षा बल सफल रहे।

खुफिया सूचना और सर्च ऑपरेशन की रणनीति
इस अभियान की शुरुआत 7 जुलाई 2026 की सुबह अड़िंगपार कैंप से हुई थी। आईटीबीपी के कमांडेंट संजय कुमार के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट आजाद सिंह के नेतृत्व में 34 जवानों, पुलिस प्रतिनिधियों और बम निरोधक दस्ते (BDDS) की एक विशेष टीम ने ग्राम एडसमेटा व आसपास के इलाकों में एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग (ADP) शुरू की। खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान सुबह 5 बजे से ही जवानों ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दुर्गम जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों के जखीरे का पता चला।

घातक हथियारों का जखीरा और नक्सलियों की नापाक साजिश
बरामद की गई सामग्री से यह साफ जाहिर होता है कि नक्सली सुरक्षा बलों पर किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। सुरक्षा बलों ने 15 किलोग्राम के प्रेशर कुकर आईईडी के अलावा, 16 देसी 51mm मोर्टार राउंड, 5 देसी 84mm रॉकेट लॉन्चर राउंड, 10 देसी 40×46 mm बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) राउंड और .303 राइफल के 8 कारतूस जब्त किए हैं। इन सामग्रियों के साथ चार सामरिक पाउच भी मिले हैं। यह पूरा जखीरा सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती था, जिसे समय रहते बरामद कर सुरक्षा बल ने क्षेत्र में नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

नक्सलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की मुहिम जारी
31 मार्च 2026 को बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ मिली ऐतिहासिक सफलता के बावजूद, अबूझमाड़ के कठिन भौगोलिक इलाकों में नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों का नेटवर्क अब भी सुरक्षा बलों के लिए एक चुनौती बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात पर जोर दिया है कि वे इन खतरों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कृतसंकल्प हैं। सफल ऑपरेशन के बाद शाम 4:30 बजे तक सभी जवान सुरक्षित अपने कैंप लौट आए। बरामद हथियारों को नियमानुसार जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भविष्य के लिए बढ़ाई गई सतर्कता और निगरानी
अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाकों में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। सुरक्षा बलों की यह सतर्कता न केवल एक बड़ी जनहानि को रोकने में कामयाब रही है, बल्कि इसने यह भी सिद्ध कर दिया है कि नक्सली अब अपनी पहुंच और नेटवर्क को बचाने में विफल हो रहे हैं। भविष्य में भी क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और सर्च ऑपरेशन को और अधिक सघन और प्रभावी बनाने की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि अबूझमाड़ को पूरी तरह भयमुक्त किया जा सके।
Read More : CG Cabinet Decision: निगम-मंडलों और आयोगों में नियुक्तियां, ममता साहू को राज्य महिला आयोग की जिम्मेदारी












