Amit Shah on SIR : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की राजनीति में घमासान जारी है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगा रहा है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सरकार SIR के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर इस विषय पर संसद का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है। शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसे इस प्रक्रिया पर कोई आपत्ति है तो वह संसद में आकर चर्चा करे।
SIR पर चर्चा के लिए विशेष संसद सत्र का प्रस्ताव
हरियाणा के करनाल में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार SIR के मुद्दे पर खुली चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष चाहे तो इस विषय पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।

शाह ने मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों के नाम होने के मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, क्या वे भी चुनाव में मतदान कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, विपक्ष केवल आरोप लगाता है, लेकिन चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायतों और तथ्यों के साथ पहुंचने से बचता है।

2014 और 2019 के चुनावों का भी किया जिक्र
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन वर्षों में SIR नहीं हुआ था, इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक निराशा से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है, इसलिए राहुल गांधी बौखलाए हुए हैं।शाह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता घुसपैठियों के मुद्दे पर सरकार का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।
रामलीला मैदान की रैली पर अमित शाह का तंज
अमित शाह ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की महारैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने इस रैली में देशभर से 10 लाख लोगों के पहुंचने की बात कही थी, लेकिन मैदान आधा भी नहीं भर पाया।

शाह ने मतदाता सूची में एक ही पते पर अधिक लोगों के नाम दर्ज होने और अन्य कथित विसंगतियों का जिक्र करते हुए कुछ उदाहरण दिए। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका का बचाव किया और कहा कि मतदाता सूची में सुधार करना जरूरी है। अपने भाषण में उन्होंने रामलीला मैदान की क्षमता और रैली में जुटी भीड़ को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी की ‘खटाखट गारंटी’ पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने राहुल गांधी की चुनावी गारंटियों को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान ‘खटाखट’ योजनाओं के तहत कई वादे किए थे, लेकिन उन पर सवाल उठ रहे हैं। इसके विपरीत उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में भाजपा सरकार अपनी गारंटियों को पूरा कर रही है।शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता कांग्रेस नेता को स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने कांग्रेस की लगातार चुनावी हार को लेकर भी तंज कसा।
राहुल गांधी के वियतनाम दौरे पर उठाए सवाल
अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने राहुल गांधी के हालिया वियतनाम दौरे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी वहां कितने दिनों तक रहे, किससे मुलाकात की और इस यात्रा का उद्देश्य क्या था? शाह ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को पारदर्शिता बरतनी चाहिए और जनता को महत्वपूर्ण जानकारियां मिलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अपने सार्वजनिक आचरण में पारदर्शिता रखनी चाहिए। इस बयान के बाद SIR विवाद के साथ-साथ राहुल गांधी की विदेश यात्रा भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।
SIR विवाद पर आगे क्या होगा?
अमित शाह के इस बयान के बाद अब निगाहें संसद में SIR पर संभावित चर्चा और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। विपक्ष जहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, वहीं केंद्र सरकार इसे चुनावी व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरी प्रक्रिया बता रही है।यदि विशेष सत्र बुलाया जाता है तो SIR के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। फिलहाल सरकार ने चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही है, लेकिन विशेष सत्र बुलाने की तारीख या औपचारिक निर्णय सामने नहीं आया है।

