India-Pakistan Match: भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज एशिया कप मुकाबले से पहले ही माहौल गरम हो चुका है। जहां अक्सर पाकिस्तान में भारत से हारने पर टीवी तोड़ने की खबरें सामने आती थीं, वहीं इस बार मुंबई में शिवसेना (उद्धव गुट) के कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज़ में विरोध दर्ज कराया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि मुंबई में आनंद दूबे नामक शिवसेना नेता और उनके समर्थक क्रिकेट बैट से टीवी तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। विरोध का कारण क्या है? हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा चरम पर है। कई संगठन और राजनीतिक दल पाकिस्तान के साथ सभी प्रकार के क्रिकेट संबंध खत्म करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब पाकिस्तान भारत में आतंकवाद को समर्थन देता है, तब उसके साथ किसी भी खेल आयोजन में शामिल होना देश के सम्मान के खिलाफ है। शिवसेना की पुरानी परंपरा शिवसेना की यह पहली बार की गई प्रतिक्रिया नहीं है। करीब साढ़े तीन दशक पहले बाला साहेब ठाकरे ने भी भारत-पाकिस्तान मैच का विरोध करते हुए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पिच खुदवा दी थी। अब उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उद्धव ठाकरे गुट फिर से मैदान में है। उद्धव ठाकरे के प्रवक्ता आनंद दूबे ने स्पष्ट किया कि वे क्रिकेट के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए यह कदम जरूरी था। “भारत माता की जय” के नारों के साथ विरोध वायरल वीडियो में आनंद दूबे और उनके सहयोगी ‘भारत माता की जय’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाते नजर आते हैं। उनका कहना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करता रहेगा, तब तक भारत को उसके साथ किसी भी प्रकार का खेल संबंध नहीं रखना चाहिए। टीवी तोड़कर विरोध प्रदर्शन 👆🏿 शिवसेना UBT प्रवक्ता आनंद दूबे जी#भारत पाकिस्तान मैच pic.twitter.com/d7XZSpvhYP — Krishna Kant Mishra (@KKMishraOffice) September 14, 2025 क्या है BCCI का रुख? इन विरोधों के बावजूद बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि भारत एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। बोर्ड का कहना है कि यह एक बहुपक्षीय टूर्नामेंट है और इसमें सभी टीमों का मुकाबला आपस में होता है, जिससे बाहर निकलना संभव नहीं है। हकीकत और संदेश आनंद दूबे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ विरोध दर्ज कराना है। हम नहीं चाहते कि देश की जनता पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के सौहार्द्रपूर्ण संबंध को बढ़ावा दे, चाहे वह खेल के जरिए ही क्यों न हो।” इस घटना ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच को केवल खेल तक सीमित न रखकर, उसमें राजनीतिक और भावनात्मक आयाम जोड़ दिए हैं। आने वाले समय में देखना होगा कि यह विरोध किस दिशा में जाता है और क्या इसका असर बीसीसीआई के निर्णयों पर पड़ता है या नहीं। Read More: Man City vs Manchester United: मैनचेस्टर सिटी बनाम मैनचेस्टर यूनाइटेड – प्रीमियर लीग मुकाबले में टकराव तय














