IRGC News: ब्रिटेन ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा कदम उठाया है। लंदन ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन के रूप में चिह्नित करते हुए प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाल के वर्षों में तेहरान के खिलाफ ब्रिटेन द्वारा की गई यह अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है। ब्रिटिश धरती पर लगातार बढ़ रही ईरान से जुड़ी धमकियों और कथित हमलों की श्रृंखला के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। संसद से अंतिम मंजूरी मिलते ही, IRGC का समर्थन करना या उसकी सहायता करना एक गंभीर आपराधिक अपराध की श्रेणी में आ जाएगा, जिसके लिए दोषी को 14 साल तक की कठोर कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

‘नेशनल सिक्योरिटी एक्ट’ का होगा प्रयोग
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने इस बड़े फैसले की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार ‘नेशनल सिक्योरिटी (स्टेट थ्रेट्स) एक्ट’ के अंतर्गत प्राप्त नई शक्तियों का पूरी तरह से उपयोग करेगी। यह कदम विदेशी ताकतों द्वारा देश की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने वाली शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, यह दर्जा ‘प्रतिबंध’ (proscription) के समान है। होम ऑफिस की मंत्री एंजेला ईगल ने IRGC को केवल एक पारंपरिक सैन्य बल मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह ईरानी राज्य के सुरक्षा तंत्र का वह केंद्रीय हिस्सा है जो खुफिया गतिविधियों, प्रॉक्सी समूहों के संचालन और अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए जिम्मेदार है।

सुरक्षा खतरों और खुफिया जानकारी का हवाला
ब्रिटिश सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय वर्षों की गहन जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद लिया गया है। अधिकारियों ने लंदन में ईरान इंटरनेशनल टेलीविज़न के पत्रकारों को निशाना बनाने की साज़िश, ब्रिटेन के हितों के विरुद्ध किए गए साइबर हमलों और तेहरान समर्थित अन्य गुप्त गतिविधियों का हवाला दिया है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि ये नए कानूनी अधिकार अब सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को उन लोगों पर मुकदमा चलाने और उन्हें जेल भेजने में सक्षम बनाएंगे, जो विदेशी शक्तियों के इशारे पर ब्रिटेन की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।
अन्य समूहों पर भी गिरी गाज
IRGC के अलावा, ब्रिटेन ने ‘इस्लामिक मूवमेंट ऑफ कम्पैनियन्स ऑफ़ द राइट’ (IMCR) नामक समूह को भी प्रतिबंधित किया है। इस समूह पर ब्रिटेन में यहूदी और इजराइली समुदायों को निशाना बनाकर हमले करने के गंभीर आरोप हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस समूह ने मार्च में लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में एम्बुलेंस में आग लगाने सहित सात हमलों की जिम्मेदारी ली थी। IRGC की स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हुई थी और तब से यह ईरान के क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव को बढ़ाने का एक प्रमुख जरिया रहा है। मानवाधिकारों के उल्लंघन और आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों के कारण यह संगठन लंबे समय से पश्चिमी देशों के निशाने पर रहा है।
Read More : CG Medical Colleges: छत्तीसगढ़ को 5 नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी, 250 MBBS सीटें बढ़ेंगी











